इस दृश्य में जब लाल ऊर्जा से घिरा योद्धा अपनी तलवार घुमाता है, तो स्क्रीन पर आग लग जाती है। सामने खड़ी सफेद पोशाक वाली रानी की ठंडक उस आग को भी शांत कर देती है। पार कर बनी इंटरस्टेलर महारानी कहानी में यह जोड़ी सबसे बेहतरीन लगती है। उनकी आंखों में छिपा दर्द और ताकत दोनों साफ दिखते हैं। स्पेस बैकग्राउंड में यह लड़ाई किसी आम एक्शन से ज्यादा इमोशनल लगती है।
जब वह विशाल रोबोटिक सूट हवा में तैरता हुआ आता है, तो लगता है जैसे मौत सामने खड़ी हो। उसकी आंखों से निकलती नीली किरणें किसी भी चीज को राख बना सकती हैं। पार कर बनी इंटरस्टेलर महारानी के इस एपिसोड में टेक्नोलॉजी और जादू का मिश्रण कमाल का है। कॉकपिट में बैठकर युद्ध नियंत्रित करने वाला दृश्य बहुत ही रोमांचक था। हर फ्रेम में एक नया खतरा और एक नया रोमांच है।
युद्ध के बीच में अचानक जब वह छोटी सी परी प्रकट होती है, तो माहौल बदल जाता है। उसके बड़े नीले आंखें और सफेद पंख देखकर लगता है जैसे उम्मीद की किरण जाग उठी हो। पार कर बनी इंटरस्टेलर महारानी में ऐसे पल बहुत जरूरी हैं जो दर्शकों को राहत देते हैं। उसकी मुस्कान से लगता है कि सब ठीक हो जाएगा। यह किरदार कहानी का दिल है जो सबको जोड़े रखता है।
अंत में जब सुनहरा और लाल ड्रैगन आसमान में आमने-सामने आते हैं, तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उनकी दहाड़ से पूरा अंतरिक्ष कांप उठता है। पार कर बनी इंटरस्टेलर महारानी का क्लाइमेक्स इसी पल से शुरू होता है। दोनों ड्रैगन अपने मालिकों की ताकत को दर्शाते हैं। यह दृश्य इतना भव्य है कि बार-बार देखने को मन करता है। विजुअल इफेक्ट्स ने कमाल कर दिया है।
जब वह पायलट कॉकपिट में बैठकर स्क्रीन को घूर रही होती है, तो उसकी सांसों की आवाज भी सुनाई देती है। उसके चेहरे पर डर नहीं, बल्कि एक अजीब सी शांति है। पार कर बनी इंटरस्टेलर महारानी में ऐसे किरदार हैं जो बिना बोले सब कह जाते हैं। होलोग्राफिक स्क्रीन पर चलते आंकड़े और बाहर का विनाश एक अलग ही डर पैदा करते हैं। यह दृश्य तनाव का बेहतरीन उदाहरण है।