जब सिंथिया की आँखें बैंगनी चमकने लगीं, तो समझ गया कि अब बदला लेने का समय आ गया है। लूसियस और लिडिया ने उसे धोखा दिया, लेकिन हमेशा गलत से प्यार किया वाले पलों में भी उसकी ताकत बनी रही। एथॉन का बलिदान देखकर दिल टूट गया, पर सिंथिया अब देवी नहीं, तूफान बन चुकी है।
एथॉन ने सिंथिया को बचाने के लिए अपनी जान दे दी, जबकि लूसियस सिर्फ अपनी ताकत के बारे में सोच रहा था। हमेशा गलत से प्यार किया की कहानी में एथॉन ही असली हीरो था। उसकी आँखों में सिंथिया के लिए जो दर्द था, वो किसी भगवान में नहीं देखा। अब सिंथिया की आँखों में गुस्सा नहीं, बदले की आग है।
लूसियस को लगा कि वो भोर का देवता है, सब उसकी सुनेंगे। लेकिन हमेशा गलत से प्यार किया वाले पलों में उसने सिंथिया को नीचा दिखाकर अपनी ही बर्बादी बुलाई। लिडिया भी उसके साथ खड़ी रही, पर अंत में दोनों अकेले रह गए। सिंथिया की आँखों में अब वो मासूमियत नहीं, तूफान है।
जब एथॉन ने सिंथिया को गोद में उठाया, तो लगा जैसे दो टूटे हुए दिल फिर से जुड़ गए हों। हमेशा गलत से प्यार किया की कहानी में ये पल सबसे खूबसूरत था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। एथॉन चला गया, पर सिंथिया अब उसकी याद में नहीं, बदले में जीएगी।
डैफनी रोती रही, चिल्लाती रही, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। हमेशा गलत से प्यार किया वाले पलों में वो बेचारी सिर्फ तमाशबीन बनकर रह गई। सिंथिया ने चुपचाप सब सहन किया, और अंत में सबको सबक सिखाया। डैफनी की आँसू अब सिर्फ यादें हैं, सिंथिया की आँखें अब तूफान हैं।