सुमित्रा वर्मा की बेटी गीता सिंह के प्रति समर्पण देखकर दिल पिघल गया। व्हीलचेयर धकेलते हुए उनकी मुस्कान में एक अजीब सी ताकत है। जब लक्जरी कार और बॉडीगार्ड्स आए, तो लगा जैसे कहानी में नया मोड़ आ गया हो। वह सब हार गई की शुरुआत ही इतनी इमोशनल है कि आगे क्या होगा सोचकर ही रोमांच हो रहा है। नेटशॉर्ट पर ऐसे कंटेंट देखना सुकून देता है।
स्टेशन पर साधारण कपड़ों में माँ-बेटी और फिर अचानक काली मर्सिडीज का आगमन। बॉडीगार्ड्स का झुकना और सुमित्रा वर्मा का शांत चेहरा। लगता है गीता सिंह की जिंदगी में कुछ बड़ा बदलने वाला है। वह सब हार गई ड्रामा सेट करता है कि पैसे से रिश्ते नहीं खरीदे जा सकते। सीन की शूटिंग और एक्टिंग दोनों ही लाजवाब हैं, बिल्कुल सिनेमा जैसा अहसास।
लीला राव और विक्रम राव का एंट्री धमाकेदार है। लीला का हरे रंग का कंगन और विक्रम का लेदर जैकेट स्टाइल स्टेटमेंट दे रहा है। जब लीला ने फोन उठाया और चेहरे पर चमक आई, तो लगा प्लॉट में कोई बड़ी साजिश रची जा रही है। वह सब हार गई में किरदारों के बीच की केमिस्ट्री देखने लायक है। ज्वेलरी शॉप का सेट बहुत ही शानदार बनाया गया है।
लीला राव जो राजीव सिंह की मंगेतर हैं, उनका व्यवहार थोड़ा संदिग्ध लग रहा है। विक्रम राव से बातचीत में उनकी आँखों में चालाकी साफ दिख रही थी। फोन कॉल के बाद उनका एक्सप्रेशन बदल गया। वह सब हार गई कहानी में यह किरदार जरूर कोई बड़ा धोखा देने वाला है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सस्पेंस से भरे सीन देखना बहुत मजेदार लगता है।
व्हीलचेयर पर बैठी गीता सिंह की मासूमियत और उसकी माँ सुमित्रा वर्मा का प्यार देखकर आँखें नम हो गईं। जब वे दोनों एक दूसरे को देखकर मुस्कुराती हैं, तो लगता है दुनिया की सारी मुसीबतें छोटी हैं। वह सब हार गई में इन दोनों के रिश्ते को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। उम्मीद है आगे की कहानी में गीता को उसका हक मिलेगा।