शुरुआत ही से रोंगटे खड़े कर देने वाला दृश्य था। जब वह लावा जैसा प्राणी पानी में संघर्ष कर रहा था, तो लगा जैसे कोई बुरी आत्माओं का ज़माना आ गया हो। पानी के हाथ उसे खींच रहे थे और उसकी चीखें दिल दहला देने वाली थीं। एनिमेशन बहुत ही शानदार था, खासकर आग और पानी का टकराव। नीले बालों वाला लड़का शांत खड़ा था, पर उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी। यह सीन देखकर मैं अपनी सांस रोके बैठा रहा। सस्पेंस बहुत बढ़िया था।
नीले बालों वाला योद्धा बहुत कूल लग रहा था। उसकी आँखों का सुनहरा रंग और चेहरे का भाव बता रहा था कि वह साधारण नहीं है। जब उसने उंगली से काली शक्ति निकाली, तो समझ गया कि असली खेल अब शुरू होगा। बुरी आत्माओं का ज़माना में ऐसे किरदार ही जान डालते हैं। उसकी शांति के पीछे छिपा गुस्सा साफ झलक रहा था। मुझे उसकी शक्तियों के बारे में और जानने की उत्सुकता हो गई है। बहुत शानदार किरदार है।
लाल और काली धारीदार स्वेटर वाला खलनायक देखकर पुरानी डरावनी फिल्में याद आ गईं। उसके हाथों में लगे नुकीले पंजे और चेहरे के निशान काफी भयानक थे। जब वह नीले बालों वाले लड़के के सामने आया, तो माहौल में तनाव बढ़ गया। बुरी आत्माओं का ज़माना की कहानी में यह दुश्मन एक बड़ी चुनौती लग रहा है। उसकी हंसी और आँखों की चमक ने डर का माहौल बना दिया। काश यह जल्दी हार जाए। मुझे इसका अंत देखना है।
नीली पोशाक वाली लड़की बहुत रहस्यमयी लग रही थी। उसके सिर पर लगा ताज और आँखों का नीला रंग उसे किसी देवी या भूत जैसा बना रहा था। जब वह पानी से बाहर आई, तो लगा जैसे कोई कहानी सुनाने आई हो। बुरी आत्माओं का ज़माना में ऐसे पात्र कहानी को गहराई देते हैं। उसकी उदासी और आँसू देखकर दिल पर चोट लगी। शायद वह भी किसी दर्द से गुजर रही है। उसकी कहानी जाननी है।
खाने का सीन शुरू में बहुत सामान्य लगा। माँ और बेटी साथ बैठकर खाना खा रहे थे। लेकिन जब बेटी ने उस मीटबॉल को काटा, तो कुछ अजीब सा लगा। बुरी आत्माओं का ज़माना में ऐसे मोड़ उम्मीद नहीं होते। माँ की मुस्कान धीरे-धीरे डरावनी होती गई। बेटी की आँखों में डर साफ दिखाई दे रहा था। यह शांत माहौल असल में एक तूफान से पहले की शांति लग रहा था। बहुत अनपेक्षित था।
अंत में माँ की आँखों का बदलना सबसे बड़ा झटका था। सामान्य इंसान की आँखें अचानक इतनी भयानक कैसे हो सकती हैं?बेटी रो रही थी और माँ हंस रही थी। बुरी आत्माओं का ज़माना की यह प्लॉट ट्विस्ट ने रूह कंपा दी। लगा जैसे घर की सुरक्षा भी अब खतरे में है। माँ के चेहरे पर वो मुस्कान अब शैतानी लग रही थी। यह अंत देखकर मैं हैरान रह गया। क्या सच है यह?
पूरे वीडियो में एक अजीब सा कोहरा छाया हुआ था। चाहे वह नदी का किनारा हो या घर का अंदरूनी हिस्सा, हर जगह एक अंधेरा सा महसूस हुआ। बुरी आत्माओं का ज़माना का माहौल ही ऐसा है कि आप खुद को अकेला महसूस करने लगते हैं। रंगों का इस्तेमाल बहुत गहरा था। नीला, काला और लाल रंग ने डर को और बढ़ा दिया। यह दृश्य निर्माण बहुत प्रभावशाली था। देखने में मजा आया।
एनिमेशन की क्वालिटी देखकर दांतों तले उंगली दबानी पड़ी। पानी के छींटे और आग की लपटें बहुत असली लग रही थीं। जब वह लावा प्राणी चिल्लाया, तो आवाज़ का असर भी गहरा था। बुरी आत्माओं का ज़माना में तकनीकी पक्ष बहुत मजबूत है। हर फ्रेम में मेहनत साफ झलकती है। खासकर आँखों के क्लोज़अप शॉट्स बहुत विस्तृत थे। यह देखना एक सुखद अनुभव था। सबको देखना चाहिए।
बेटी के रोने का सीन बहुत दिल को छू लेने वाला था। उसे समझ नहीं आ रहा था कि उसके साथ क्या हो रहा है। माँ का व्यवहार बदल रहा था और वह बेचारी बस देखती रह गई। बुरी आत्माओं का ज़माना में ऐसे इमोशनल पल कहानी को भारी बना देते हैं। उसकी आँखों से गिरते आँसू और कांपते हाथ देखकर बुरा लगा। क्या वह इस माहौल से बच पाएगी?यह सवाल दिमाग में घूम रहा है। दिल दुखा।
कुल मिलाकर यह एक रोमांचक सफर था। हर सीन में कुछ नया था। कभी एक्शन, कभी डर, तो कभी इमोशन। बुरी आत्माओं का ज़माना ने मेरी उम्मीदों पर खरा उतरा। इस माध्यम पर यह देखना काफी मजेदार रहा। कहानी आगे क्या मोड़ लेगी, यह जानने के लिए मैं बेताब हूँ। अगर आपको सस्पेंस पसंद है, तो यह जरूर देखें। यह अनुभव लंबे समय तक याद रहेगा। सबको बताना चाहूंगा।