शुरुआत ही इतनी डरावनी कि रोंगटे खड़े हो गए। वो बैंगनी धुएं में खड़ा शख्सियत सच में खतरनाक लग रहा था। उसकी लाल आंखें देखकर ही समझ आ गया कि असली खलनायक कौन है। मेक दुनिया का सम्राट में ऐसे सीन्स देखकर मजा आ गया। एनिमेशन क्वालिटी भी काफी अंधेरी और गंभीर है। बिल्कुल वैसे ही जैसे एक महायुद्ध की शुरुआत होती है। सबको यह देखना चाहिए।
सभा कक्ष वाला सीन बहुत तनावपूर्ण था। राजीव चौधरी ने जब मेज पर मुक्का मारा तो गुस्सा साफ झलक रहा था। लगता है दुनिया किसी बड़ी मुसीबत में फंस चुकी है। मेक दुनिया का सम्राट की कहानी में यह मोड़ बहुत जरूरी था। सभी कमांडरों के चेहरे पर चिंता साफ दिख रही थी। अब देखना है कि वो इस खतरे का कैसे सामना करते हैं।
नीली वर्दी वाला लड़का बहुत शांत लग रहा था। बाकी सब घबराए हुए थे पर यह बिल्कुल स्थिर था। शायद यह ही नायक होने वाला है। मेक दुनिया का सम्राट में किरदारों की डिजाइन बहुत अच्छी है। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी जो भरोसा दिलाती है। मुझे इसका किरदार सबसे ज्यादा पसंद आया। आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।
होलोग्राम में दिखाई गई दुनिया का नक्शा बहुत रोचक था। लाल रंग का खतरा साफ दिखाया गया है। ओमप्रकाश यादव जैसे अनुभवी लोग भी चिंतित हैं। मेक दुनिया का सम्राट में तकनीक और जादू का मिश्रण अच्छा लगा। यह सिर्फ एक लड़ाई नहीं बल्कि अस्तित्व का सवाल है। दृश्य प्रभाव ने सीन को और भी बढ़ा दिया है।
खलनायक के पीछे खड़ी काली सेना देखकर डर लग रहा था। सबकी आंखें अलग अलग रंग की चमक रही थीं। लगता है यह कोई आम दुश्मन नहीं है। मेक दुनिया का सम्राट में खलनायक की पावर बहुत ज्यादा दिखाई गई है। नायक टीम के लिए यह मुश्किल इम्तिहान होने वाला है। युद्ध सीन्स की उम्मीद अब और बढ़ गई है।
संघ प्रमुख का किरदार बहुत प्रभावशाली लगा। उनकी आवाज में वजन और चेहरे पर गंभीरता थी। वो सबको संभालने की कोशिश कर रहे हैं। मेक दुनिया का सम्राट में नेतृत्व वाले सीन्स अच्छे लगते हैं। जब सब तरफ से खतरा हो तो नेतृत्व ही काम आता है। उनकी रणनीति क्या होगी यह देखना बाकी है।
महिला किरदारों की मौजूदगी भी काफी अहम लग रही थी। वो सिर्फ पीछे नहीं खड़ी थीं बल्कि तैयार लग रही थीं। मेक दुनिया का सम्राट में सभी को बराबर महत्व दिया गया है। उनकी वर्दी और हथियार भी काफी आधुनिक दिख रहे थे। यह सामूहिक कार्य की असली ताकत को दर्शाता है। मुझे यह संतुलन बहुत पसंद आया।
शुरुआत का जादुई माहौल और बाद का वैज्ञानिक माहौल बिल्कुल अलग था। यह अंतर बहुत अच्छा बनाया गया है। मेक दुनिया का सम्राट में दो दुनियाओं का टकराव दिख रहा है। एक तरफ अंधेरा जादू है तो दूसरी तरफ उन्नत हथियार हैं। यह टकराव ही कहानी की जान है। दर्शकों के लिए यह एक नया अनुभव होगा।
राजीव चौधरी और ओमप्रकाश यादव के बीच की बहस देखने लायक थी। दोनों के अपने तर्क थे और गुस्सा भी साफ था। मेक दुनिया का सम्राट में संवाद बहुत दमदार हैं। जब बड़े अधिकारी आपस में भिड़ें तो समझना चाहिए कि हालात गंभीर हैं। यह राजनीति और युद्ध का मिश्रण है। मुझे यह टकराव बहुत पसंद आया।
अंत में दिखाया गया लाल धब्बा दुनिया पर खतरे की घंटी है। अब सबको एक होना होगा वरना सब खत्म हो जाएगा। मेक दुनिया का सम्राट का रोमांचक अंत बहुत तगड़ा था। अगले भाग का इंतजार मुश्किल होने वाला है। काश जल्दी अगला भाग आ जाए। यह कहानी धीरे धीरे अपने चरम पर पहुंच रही है।