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मछली बनी ड्रैगनवां53एपिसोड

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मछली बनी ड्रैगन

आलसी कर्मचारी यश दूसरी दुनिया में बिना स्तर की बेकार सुनहरी मछली बनकर आया। उसने भक्षण विकास प्रणाली अपने साथ जोड़ ली। अपनी सुनहरी मछली वाली किस्मत के दम पर उसने एक-एक करके सबको पीछे छोड़ दिया और ड्रैगन बन गया। उसने खून के दम पर होने वाले भेदभाव को कुचल दिया, सैकड़ों राक्षसों की दावत में राज किया, और झील के अंदर रहने वाले राक्षसों की किस्मत बदल दी।
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इस एपिसोड की समीक्षा

प्रणाली का कमाल

प्रणाली का पर्दा देखकर हैरान रह गया। पहले लगा कि अब तो गए काम से, लेकिन किस्मत का स्तर देखकर खुशी हो गई। यह वाली कहानी वाकई मज़ेदार है। मछली बनी ड्रैगन में ऐसा मोड़ नहीं देखा था। प्रणाली की मदद से हीरो की जीत पक्की लग रही है। चित्रण भी काफी शानदार लगा।

सम्राट का रौब

सम्राट की दाढ़ी और उसका गुस्सा देखकर डर लग रहा था। सिंहासन सोने का बना है और बहुत भव्य लग रहा है। ऐसा लगता है कि वह किसी बड़े फैसले के कगार पर खड़ा है। पूरा दरबार सन्न है। इस शो का माहौल बहुत गंभीर है। मछली बनी ड्रैगन की तरह ही यहाँ भी सत्ता का खेल चल रहा है।

सफेद बालों वाला योद्धा

सफेद बालों वाला नायक बहुत ताकतवर लग रहा है। उसका शरीर और कवच देखकर लगता है कि वह कोई साधारण योद्धा नहीं है। उसके चेहरे पर आत्मविश्वास साफ झलक रहा है। वह बिजली का सामना कैसे करेगा यह देखना बाकी है। मछली बनी ड्रैगन वाली कड़ी में भी ऐसा ही जोश था।

तूफानी दृश्य

बादलों में बिजली कड़कने के दृश्य बहुत शानदार थे। ऐसा लगा जैसे असली तूफान आ गया हो। खतरे का संकेत मिलते ही सबकी सांसें थम गईं। यह वाला दृश्य किसी बड़ी फिल्म से कम नहीं लग रहा था। विशेष प्रभावों पर पैसा खर्च किया गया है। मछली बनी ड्रैगन में दृश्य ऐसे ही अच्छे थे।

खतरे और किस्मत

नीले पर्दे पर चेतावनी देखकर घबराहट हो गई। बचने की दर कम थी लेकिन किस्मत ने बचा लिया। यह मोड़ बहुत अच्छा लगा। दर्शक के रूप में मुझे यह खेल वाला अंदाज पसंद आया। अब आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता है। मछली बनी ड्रैगन जैसी रोमांचक कहानी बार बार देखने को मिले।

सुंदर नायिका

सफेद पोशाक वाली महिला बहुत सुंदर लग रही थी। उसके गहने और कपड़े बहुत कीमती लग रहे हैं। वह नायक के पीछे खड़ी होकर सहयोग कर रही है। उनकी जोड़ी बहुत अच्छी लग रही है। प्रेम और युद्ध का सही मिश्रण है यह। मछली बनी ड्रैगन में भी ऐसी ही सुंदर नायिका थी।

दरबार की भीड़

दरबार में खड़े सभी योद्धाओं के कपड़े अलग अलग हैं। किसी का रंग नीला है तो किसी का काला। हर किसी का अपना एक अंदाज है। भीड़ का दृश्य बहुत भव्य लगा। ऐसा लग रहा है कि कोई बड़ी लड़ाई होने वाली है। सबकी नज़रें एक ही तरफ हैं। मछली बनी ड्रैगन के अंत जैसा माहौल बना है।

आँखों की चमक

नायक की आँखों में चमक देखकर लगा कि वह जीत जाएगा। उसकी आँखों में बिजली कौंध रही थी। यह बारीक़ी बहुत गहराई से दिखाया गया है। अभिनय काफी प्रभावशाली लगा। कैमरा कोण भी बहुत सही चुना गया है इस दृश्य के लिए। मछली बनी ड्रैगन में भी ऐसे ही नज़दीकी दृश्य थे।

राजमहल की भव्यता

सोने के स्तंभ और राजमहल का नक्शा कमाल का है। हर जगह ड्रैगन की नक्काशी है। यह प्राचीन काल जैसा लग रहा है। कला निर्देशन पर बहुत ध्यान दिया गया है। ऐसे मंच देखकर ही मज़ा आता है। फिल्म की गुणवत्ता भी बहुत अच्छी है। मछली बनी ड्रैगन का मंच भी ऐसा ही शानदार था।

अंत का इंतज़ार

अंत में नायक ने हाथ बढ़ाया तो लगा अब कुछ बड़ा होने वाला है। सम्राट भी खड़ा हो गया है। माहौल में तनाव चरम पर है। अगली कड़ी कब आएगी इसका इंतज़ार नहीं हो रहा। कहानी में बहुत दम है। बिल्कुल वैसे ही जैसे मछली बनी ड्रैगन में था।