इस दृश्य में तनाव इतना गहरा है कि सांस रुक जाती है। जब वह महिला जमीन पर गिरती है, तो उसकी आंखों में सिर्फ दर्द नहीं, बल्कि एक अजीब सी चमक भी है। मासूम पत्नी, बड़ी हस्ती की कहानी में यह मोड़ बहुत ही नाटकीय है। सूट पहने व्यक्ति का व्यवहार देखकर लगता है कि उसे अपनी गलती का अहसास हो रहा है, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है। दूसरी महिला का शांत खड़ा रहना और फोन पर बात करना रहस्यमयी लग रहा है। क्या वह सब कुछ पहले से जानती थी? यह सस्पेंस दर्शकों को बांधे रखता है।