इस दृश्य में तनाव इतना गहरा है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है। दुल्हन की मासूमियत और उस पर हो रहे हमले दिल को छू लेते हैं। जब वह व्यक्ति उंगली उठाकर चिल्लाता है, तो लगता है जैसे मासूम पत्नी, बड़ी हस्ती वाली कहानी का सबसे दर्दनाक मोड़ आ गया हो। सफेद पोशाक में वह कितनी नाज़ुक लग रही है, जबकि सामने खड़े लोग कितने क्रूर हैं। यह सिर्फ एक झगड़ा नहीं, बल्कि इंसानियत का इम्तिहान है। हर चेहरे पर नफरत या मजबूरी साफ दिख रही है।