शुरुआत में ही काले कोट वाले शख्स की आँखों में डर साफ़ दिख रहा था। उसे लगा था वो जीत चुका है, लेकिन सफेद बालों वाले लड़के ने पलक झपकते ही सब बदल दिया। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी में ऐसे मोड़ देखने को मिलते हैं जो रोंगटे खड़े कर दें। लाल चाँद के नीचे ये जंग बहुत ही भव्य लग रही थी। हर दृश्य में एक नया रहस्य है।
उस लड़के के गले में चमकता हुआ पेंडेंट किसी साधारण गहने जैसा नहीं लग रहा था। जब वो जला तो समझ गया कि असली खेल अब शुरू होगा। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी की कहानी में जादूई ताकतें हमेशा से रहस्यमयी रही हैं। नीली और लाल ऊर्जा का टकराव देखकर लग रहा था कि प्रकृति भी इस लड़ाई का गवाह बन रही है। बहुत ही शानदार दृश्य हैं।
बिना कमीज के उस मांसपेशियों वाले आदमी ने जब ध्यान लगाया तो नीली रोशनी निकलने लगी। उसकी मुट्ठी में इतनी ताकत थी कि हवा भी थम सी गई हो। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी में युद्ध के दृश्य हमेशा दिल धड़कने वाले होते हैं। उसकी हंसी सुनकर ही समझ आ गया कि वो किसी से नहीं डरने वाला। असली योद्धा वही है जो बिना हथियार के भी दुश्मनों को हरा दे।
जब जमीन से लाल धुएं के बीच वो काले योद्धा घोड़ों पर सवार होकर आए, तो माहौल और भी डरावना हो गया। आग की लपटें और बर्फ के फूल, ये कॉम्बिनेशन बहुत अनोखा था। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी में ऐसे दृश्य बार बार देखने को नहीं मिलते। लग रहा था कि अब कोई बड़ी तबाही होने वाली है। हर कोई अपनी जगह पर जमा हो गया था।
लाल बालों वाली राक्षसी और नीली परी का साथ खड़ा होना सबसे हैरान करने वाला पल था। वैसे तो ये दोनों अलग प्रजाति की लगती हैं, लेकिन मुसीबत में सब एक हैं। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी में रिश्तों की ये गहराई बहुत पसंद आई। उनके चेहरे पर चिंता साफ़ झलक रही थी जब सामने इतनी बड़ी फौज खड़ी थी। सच्ची ताकत एकता में ही है।
जब वो बड़े दरवाजे से बाहर निकला तो सबकी सांसें रुक गईं। उसकी आँखें सुनहरी हो गई थीं और उंगली से इशारा करते ही सब डर गए। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी का अंत हमेशा ऐसा ही धमाकेदार होता है। पीछे लाल चाँद और पुरानी इमारत का नज़ारा किसी पेंटिंग जैसा लग रहा था। अब असली बदलाव आएगा।
पूरे दृश्य में लाल और बैंगनी रंग का इस्तेमाल बहुत खूबसूरती से किया गया है। टूटी हुई इमारतें और दरारों से निकलती लावा जैसी रोशनी ने डर का माहौल बना दिया। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी की कलात्मक कहानी बहुत मजबूत है। हर दृश्य में एक अलग ही ऊर्जा है जो दर्शकों को बांधे रखती है। ऐसा लग रहा था कि सब कुछ जलने वाला है।
काले कोट वाले ने जब हाथ जोड़े और मुस्कुराया, तो पीठ में सिहरन दौड़ गई। उसे अपनी ताकत पर बहुत घमंड था, लेकिन उसे नहीं पता था कि सामने कौन खड़ा है। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी में खलनायक भी बहुत यादगार होते हैं। उसकी आँखों में पीला रंग और कान में बाली उसे खतरनाक बना रहे थे। अब देखना है कि उसका अंत कैसे होता है।
जब नीली और सुनहरी ऊर्जा आपस में टकराई तो आसमान में आग लग गई। ऐसा लग रहा था कि ब्रह्मांड की सारी ताकत उस एक जगह पर इकट्ठा हो गई हो। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी में ऐसे चित्रण देखकर आँखें फटी रह जाती हैं। उस गंजे योद्धे ने जब मुक्का मारा तो हवा में तरंगें दिखने लगीं। ये दृश्य बार बार देखने लायक है।
अब जब सफेद बालों वाले लड़के ने चुनौती दे दी है, तो सामने वाले की हालत खराब हो गई है। तीन लोगों के चेहरे पर डर साफ़ दिख रहा था। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी की अगली कड़ी देखने के लिए मैं बेताब हूँ। क्या वो बच्चा अकेले ही पूरी सेना को हरा पाएगा? ये सवाल हर किसी के मन में चल रहा है। बहुत ही रोमांचक सफर है।