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रोबोट का जुनूनी प्यार

प्रतिभाशाली इंजीनियर कविता कपूर एक “दोषपूर्ण” रोबोट PWL-000 को बचाती है। पूर्ण निष्ठा से शुरू हुआ रिश्ता धीरे-धीरे जुनूनी प्रेम में बदल जाता है। इंसान और मशीन के बीच यह निषिद्ध प्रेम उन्हें किस्मत और टूटन के जाल में ले जाता है। लेकिन कविता नहीं जानती कि आर्यन कपूर के भीतर एक गहरा, रहस्यमय प्रेम छिपा है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

बाहर की ठंडी हवा

शुरू का दृश्य बहुत दिल को छू लेने वाला था। जब वह सफेद कोट में खड़ी थी और उसकी आँखों में उदासी साफ दिख रही थी, तो लगा जैसे कुछ टूट गया हो। उस लड़के की चुप्पी सब कुछ कह रही थी। रोबोट का जुनूनी प्यार देखकर लगता है कि रिश्तों में खामोशी सबसे भारी होती है। उनकी शारीरिक भाषा ने बिना बोले ही दर्द बयां कर दिया। बहुत गहरा असर छोड़ा।

कमरे का वो पल

बेडरूम वाला दृश्य देखकर रूंगटे खड़े हो गए। जब वह घुटनों पर बैठकर उसे देख रहा था, तो उसकी आँखों में एक अजीब सी बेचैनी थी। उसने धीरे से उसके चेहरे को छुआ, जैसे कोई कीमती चीज हो। रोबोट का जुनूनी प्यार में ऐसे पल ही तो असली जादू हैं। गले मिलते वक्त जो सुकून मिला, वो शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। दिल जीत लिया।

माथे का वो चुंबन

उसने जब उसके माथे को चूमा, तो लगा जैसे सारी नाराजगी धुल गई हो। उस लड़के की आँखों से आंसू टपक रहे थे, जो उसके दर्द को बयां कर रहे थे। इतनी गहरी भावनात्मक कड़ी किसी और नाटक में नहीं देखी। रोबोट का जुनूनी प्यार की कहानी में यह मोड़ सबसे खूबसूरत था। प्यार सिर्फ शब्द नहीं, एहसास होता है। बहुत प्यारा लगा।

अस्पताल की चुप्पी

अस्पताल वाले दृश्य में माहौल बहुत गंभीर था। वह बिस्तर पर लेटा था और वह उसके पास बैठी थी। बिना कुछ बोले ही दोनों के बीच का कनेक्शन साफ झलक रहा था। बीमारी में साथ खड़ा होना ही असली प्यार है। रोबोट का जुनूनी प्यार ने यह साबित कर दिया कि मुसीबत में ही रिश्ते की परख होती है। बहुत ही दिल को छू लेने वाला अंजाम था। सच्चाई दिखी।

खूबसूरत छायांकन

इस कार्यक्रम के छायांकन पर कोई समझौता नहीं किया गया है। रात के दृश्य में घर की रोशनी और कमरे की नीली रोशनी ने एक अलग ही माहौल बनाया था। कपड़ों का चयन भी पात्रों के व्यक्तित्व को दर्शाता है। रोबोट का जुनूनी प्यार में हर फ्रेम एक चित्र जैसा लगता है। देखने वाले को बस देखते रहने का मन करता है, बिल्कुल जादू जैसा। नज़ारा था।

उसकी आँखों का दर्द

उस लड़के की एक्टिंग ने सबका दिल जीत लिया। जब वह रो रहा था और उसे गले लगा रहा था, तो लगा जैसे वह टूट गया हो। गले में पट्टी पहनकर उसका लुक बहुत अनोखा था। रोबोट का जुनूनी प्यार में किरदारों की गहराई को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। उसकी खामोशी चीख रही थी, यह अभिनय की सबसे बड़ी जीत है। तारीफ के काबिल।

उसका धैर्य और प्यार

सफेद कोट वाली महिला का किरदार बहुत मजबूत था। उसने गुस्से को पीकर भी प्यार निभाया। जब वह घर में अकेली चल रही थी, तो उसकी चाल में एक अलग ही गरिमा थी। रोबोट का जुनूनी प्यार में महिला किरदार को सिर्फ रोने वाली नहीं दिखाया गया। उसने ही स्थिति को संभाला, जो बहुत प्रेरणादायक लगा। ताकत दिखी।

कहानी का उतार चढ़ाव

कहानी की रफ्तार बहुत संतुलित है। बाहर की बहस से लेकर कमरे का सुकून तक, हर मोड़ पर नया एहसास हुआ। कहीं भी बोरियत नहीं हुई। रोबोट का जुनूनी प्यार की स्क्रिप्ट में जो बारीकियां हैं, वो बार-बार देखने पर ही समझ आती हैं। हर कड़ी के बाद अगली कड़ी देखने की बेचैनी बढ़ती जाती है। मज़ा आया।

संगीत और माहौल

पृष्ठभूमि संगीत ने दृश्य को और भी भावुक बना दिया था। जब वे गले मिले, तो संगीत ने उस पल को अमर कर दिया। हवा की आवाज और सन्नाटा भी एक किरदार की तरह था। रोबोट का जुनूनी प्यार में तकनीकी पहलुओं पर भी खासा ध्यान दिया गया है। यह सिर्फ एक कहानी नहीं, एक अनुभव है जो दिल पर असर छोड़ जाता है। संगीत था।

जरूर देखें यह शो

अगर आप सच्चे प्यार की कहानी देखना चाहते हैं, तो यह कार्यक्रम श्रेष्ठ है। इसमें दिखाया गया जुनून और समर्पण लाजवाब है। हर कोई अपने रिश्ते में ऐसा बंधन चाहता है। रोबोट का जुनूनी प्यार ने मेरी उम्मीदों से कहीं ज्यादा बेहतर प्रदर्शन किया है। अंत में जो अपनत्व मिला, वो लंबे समय तक याद रहेगा। बिल्कुल मिस न करें। शानदार।