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सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋणवां6एपिसोड

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सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋण

अपने गुरु महागुरु के नाम पर, सिद्धगिरि का शिष्य आर्यन शर्मा जीवन-मृत्यु पुस्तक लेकर पहाड़ से उतरता है - ऋण वसूलने के लिए। लोगों का इंसाफ करते हुए, उल्टे कामों में फंसी अपनी भाभी तनु मेहरा को बचाता है। जिद्दी अमीर बेटी जान्हवी शर्मा को अपनी सेविका बनाता है। अपनी भाग्य वाली देवी आराध्या सिंह से मिलता है, और खूबसूरत आत्मा पल्लवी यादव से भी उसकी मुलाकात होती है। लेकिन क्या ये सब ऋण वसूली के बीच संभव है? और आगे क्या होगा?
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इस एपिसोड की समीक्षा

आँखों की चमक

उस नीले पोशाक वाले युवक की आँखें जब अचानक चमकीं तो मैं सच में डर गया था। श्मशान की शांति को तोड़ते हुए उसने अपनी अलौकिक शक्ति दिखाई। सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋण में ऐसे दृश्य बहुत दुर्लभ और प्रभावशाली हैं। ड्रैगन वाले आदमी को लगा वह जीत गया पर असली खेल तो अब शुरू हुआ है। सबकी सांसें रुक गई थीं उस पल।

अंत्येष्टि का तनाव

अंत्येष्टि के बीच यह लड़ाई बहुत तीव्र और गंभीर लग रही थी। बुजुर्ग व्यक्ति की घबराहट साफ दिख रही थी उनके चेहरे पर। सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋण की कहानी में हर किरदार का अपना गहरा राज है। सफेद पोशाक वाली लड़की की चिंता देखकर दिल दुखी हुआ। नाटक का माहौल बहुत गहरा बनाया गया है।

सिक्के का जादू

सिक्के को हवा में ऐसे उछालना जादू लग रहा था सबको। नीली पोशाक वाले की शांति देखकर हैरानी हुई मुझे। सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋण में जादुई तत्वों का उपयोग बहुत अच्छा है। ड्रैगन वाले कपड़ों वाला व्यक्ति बहुत घमंडी लग रहा था। अंत में लाठियों वाला दृश्य रोमांचक था।

महिला का गुस्सा

हरे किमोनो वाली महिला की नज़रें बहुत तेज और पैनी थीं। उसने सब कुछ बहुत ध्यान से देखा और समझा। सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋण में महिला किरदार भी बहुत मजबूत हैं। जब थप्पड़ लगा तो सब चौंक गए थे। यह बदला की कहानी लग रही है। माहौल में तनाव बहुत अच्छे से दिखाया गया है।

शोक का माहौल

सफेद झंडे और शोक का माहौल बहुत असली और गहरा लगा। भीड़ की फुसफुसाहट ने कहानी को जीवंत और सजीव किया। सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋण का सेट डिजाइन बहुत प्रभावशाली है। युवक ने बिना डरे सबका सामना किया। यह साहस की मिसाल है। आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।

बुजुर्ग का राज

बुजुर्ग व्यक्ति के झुकने का कारण क्या था कोई नहीं जानता। शायद उसे कोई पुराना पछतावा सता रहा है। सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋण में हर हरकत के पीछे वजह है। ड्रैगन वाले आदमी का गुस्सा देखकर लगा वह हार रहा है। नीले रोब वाले की शक्तियां रहस्यमयी हैं। कहानी बहुत गहरी होती जा रही है।

जमीन पर सिक्का

जब सिक्का जमीन पर गिरा तो सबकी नज़रें वहीं जमी थीं। यह छोटी चीज बड़ी ताकत दिखाती है सबको। सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋण में ऐसे संकेत बहुत महत्वपूर्ण हैं। लड़की ने उसका हाथ पकड़ लिया था डर से। शायद वह उसे बचाना चाहती थी। भावनाओं का खेल बहुत अच्छे से दिखाया गया है।

लाठियों का घेरा

लाठियों वाले आदमी घेर कर खड़े हो गए थे चारों तरफ। खतरा बढ़ता जा रहा था हर पल के साथ। सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋण में एक्शन सीन्स बहुत तेज हैं। नीले पोशाक वाले ने डरने से इनकार कर दिया। उसकी आँखों में चमक थी। यह अंत नहीं बस शुरुआत है। दर्शक बंधे रहेंगे इस कहानी से।

आंसू और चुप्पी

सफेद पोशाक वाली लड़की की आँखों में आंसू थे साफ। वह कुछ कहना चाहती थी पर चुप रही बस। सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋण में भावनात्मक पल बहुत हैं। ड्रैगन वाले कपड़ों वाले का अहंकार टूटता दिखा। न्याय की उम्मीद बनी हुई है। यह नाटक दिल को छू लेता है।

अंतिम युद्ध

अंत में जब सब घिर गए तो लगा युद्ध होगा अब। नीले रोब वाला अकेला खड़ा था सबके बीच। सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋण का क्लाइमेक्स बहुत धमाकेदार है। पुराने जमाने के कपड़े और सेट बहुत सुंदर हैं। हर किरदार ने अपना किरदार निभाया। यह देखने लायक शो है।