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सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋणवां37एपिसोड

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सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋण

अपने गुरु महागुरु के नाम पर, सिद्धगिरि का शिष्य आर्यन शर्मा जीवन-मृत्यु पुस्तक लेकर पहाड़ से उतरता है - ऋण वसूलने के लिए। लोगों का इंसाफ करते हुए, उल्टे कामों में फंसी अपनी भाभी तनु मेहरा को बचाता है। जिद्दी अमीर बेटी जान्हवी शर्मा को अपनी सेविका बनाता है। अपनी भाग्य वाली देवी आराध्या सिंह से मिलता है, और खूबसूरत आत्मा पल्लवी यादव से भी उसकी मुलाकात होती है। लेकिन क्या ये सब ऋण वसूली के बीच संभव है? और आगे क्या होगा?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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शुरुआत का रोमांच

शुरुआत का दृश्य बहुत रोमांचक था। ताओवादी और राक्षसी के बीच की रसायन विज्ञान को देखकर हैरानी हुई। सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋण में ऐसे मोड़ उम्मीद से ज्यादा थे। काले लिबास में वह सुंदरी रहस्यमयी लग रही थी। उसकी आंखों में कुछ अलग ही चमक थी जो खतरनाक भी थी और आकर्षक भी। यह जोड़ी स्क्रीन पर बहुत जची। दर्शकों को यह पसंद आएगा। कहानी में जान है।

जादू की लड़ाई

जादू की लड़ाई देखकर रोमांच बढ़ गया। जब उसने बेलों से बांध दिया, तो लगा कि अब क्या होगा। ताओवादी की शक्तियां भी कम नहीं थीं। सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋण की कहानी में हर पल नया बदलाव है। सफेद फर और काली पोशाक का मिलान बहुत क्लासी लगा। दर्शक बंधे रहते हैं। एक्शन सीन बहुत अच्छे हैं। देखने में मजा आया।

नृत्य का जादू

नृत्य दृश्य बहुत ही सुंदर था। पंखा लेकर जब वह नाच रही थी, तो सबकी नजरें उसी पर थीं। ताओवादी भी बस देखता रहा। सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋण में ऐसे पल कहानी को हल्का करते हैं। लेकिन फिर अचानक माहौल बदल गया। सैनिकों की एंट्री ने तनाव बढ़ा दिया। सब चौंक गए। संगीत भी बहुत अच्छा था। माहौल जम गया था।

दिल को छू गया

अंत में वह गड्ढे में लेटी हुई थी, यह दृश्य दिल को छू गया। क्या वह मर गई या सो रही है। अधिकारी का गुस्सा साफ दिख रहा था। सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋण का अंत बहुत इमोशनल है। ताओवादी के चेहरे पर चिंता साफ झलक रही थी। दर्शक भी हैरान रह गए। आगे क्या होगा। यह सवाल सबके मन में है। क्लाइमेक्स अच्छा था।

नया मोड़

वर्दी पहने लोगों की एंट्री ने कहानी में नया मोड़ दिया। लगता है अब मामला बड़े स्तर तक पहुंच गया है। ताओवादी और राक्षसी के बीच की दुश्मनी अब सबके सामने है। सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋण में सत्ता और जादू का मिश्रण अच्छा है। डर और रोमांच दोनों है। कहानी आगे बढ़ती है। बहुत रोचक लग रहा है। प्लॉट मजबूत है।

विजुअल कमाल

नाखून और जादू का इस्तेमाल बहुत खूबसूरती से दिखाया गया। जब उसने अपने हाथ दिखाए, तो डर लगा। ताओवादी ने हिम्मत नहीं हारी। सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋण के विजुअल बहुत बढ़िया हैं। रात का माहौल और पुरानी इमारतें कहानी को असली लगती हैं। मेहनत साफ दिखती है। सेट डिजाइन कमाल का है। तकनीक अच्छी है।

पोशाक और सजावट

ताओवादी की पोशाक और लकड़ी का बर्तन बहुत पारंपरिक लगे। वह किसी पुराने जमाने के भूत भगाने वाले जैसे दिखते हैं। सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋण में कपड़ों के डिजाइन पर ध्यान दिया गया है। सुंदरी के गहने और बालों की सजावट भी कमाल की थी। हर बारीकी पर काम है। कलाकारों ने अच्छा किया। स्टाइल शानदार है।

रिश्तों की जटिलता

जब वह उसे छूने की कोशिश कर रही थी, तो लगा कि शायद प्यार हो गया है। लेकिन फिर भी दुश्मनी बनी रही। सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋण में रिश्तों की जटिलता अच्छी लगी। ताओवादी का संयम और राक्षसी का गुस्सा दोनों ही किरदारों को जीवंत बनाते हैं। देखने में मजा आया। कहानी में गहराई है। भावनाएं सच्ची हैं।

तनाव बना रहे

सैनिकों के कमांडर का रवैया बहुत सख्त था। उसने ताओवादी को घूर कर देखा। लगता है अब बड़ी मुसीबत आने वाली है। सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋण में अगला भाग कितना रोमांचक होगा। सबको इंतजार है कि अब क्या होगा। तनाव बना रहेगा। कहानी में दम है। डायलॉग भी अच्छे हैं। एक्टिंग लाजवाब है।

कुल मिलाकर

कुल मिलाकर यह वीडियो बहुत दिलचस्प था। एक्शन, ड्रामा और रोमांस सब कुछ है। सिद्धगिरि जीवन-मृत्यु ऋण देखने के बाद मन में कई सवाल उठ रहे हैं। क्या वह राक्षसी वापस आएगी। ताओवादी उसे बचा पाएगा। यह कहानी आगे बहुत रोचक होने वाली है। सबको पसंद आएगा। ऑनलाइन देखने का मजा ही अलग है। अनुभव अच्छा रहा।