जब सूर्य देव ने अपनी प्रेमिका को खो दिया, तो उनका क्रोध देखने लायक था। हमेशा गलत से प्यार किया की कहानी में यह दृश्य सबसे ज्यादा दिल को छू गया। सुनहरे रथ और चमकते घोड़े दृश्य को और भी भव्य बना रहे हैं।
काले वस्त्रों में लिपटी वह रानी जब अपने ड्रेगन रथ पर सवार होकर आई, तो माहौल में एक अजीब सी ठंडक छा गई। हमेशा गलत से प्यार किया में खलनायक का प्रवेश इतना नाटकीय पहले कभी नहीं देखा।
सफेद पोशाक में वह जब रथ से उतरी और अपने प्रेमी को ढूंढने लगी, तो उसकी आंखों में डर साफ दिख रहा था। हमेशा गलत से प्यार किया के इस मोड़ पर लगता है कि अब कुछ बड़ा होने वाला है।
जब वह सुनहरे कवच में लिपटा योद्धा हवा में उड़ने लगा, तो लगता था जैसे सूरज ही धरती पर उतर आया हो। हमेशा गलत से प्यार किया में ऐसे दृश्य प्रभाव देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
दो रथों के बीच की यह दौड़ सिर्फ एक दौड़ नहीं, बल्कि अच्छाई और बुराई का संघर्ष लग रही थी। हमेशा गलत से प्यार किया में कार्रवाई के दृश्यों का यह क्रम सबसे ज्यादा रोमांचक था।