
इस दृश्य में जो तनाव दिखाया गया है वह वाकई रोंगटे खड़े करने वाला है। जब उसने कांच को तोड़ा और खून बहने लगा, तब भी उसके चेहरे पर कोई दर्द नहीं था। यह शक्ति का प्रदर्शन था। एब मेरी बारी है के इस एपिसोड में पावर डायनामिक्स बहुत गहरे हैं। जो व्यक्ति जमीन पर गिरा हुआ है, उसकी बेबसी साफ दिख रही है। कमरे की रोशनी और माहौल ने डर को और बढ़ा दिया है। यह सिर्फ एक झगड़ा नहीं, बल्कि एक खेल है।
पूरे कमरे में सन्नाटा था, बस कांच टूटने की आवाज़ आई। एब मेरी बारी है में बिना डायलॉग के भी कहानी कही गई है। सूट वाले व्यक्ति की आंखों में गुस्सा और ठंडक दोनों थी। जो व्यक्ति जमीन पर था, उसकी सांसें तेज चल रही थीं। लाइटिंग ने डर का माहौल बनाए रखा। यह शो देखते वक्त लगता है कि कुछ बड़ा होने वाला है। मुझे यह थ्रिलर बहुत पसंद आ रहा है।
जिस तरह से उसने कांच को पीसा, उससे लग रहा था कि वह किसी इंसान को कुचल रहा हो। एब मेरी बारी है की स्क्रिप्ट में बहुत गहराई है। जो व्यक्ति नारंगी कपड़ों में था, वह मदद के लिए भीख मांग रहा था लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। अंत में कोट पहनकर जाना यह दर्शाता है कि काम अभी बाकी है। बारिश का शोर सन्नाटे को तोड़ रहा था। यह दृश्य बहुत प्रभावशाली था।
जब वह ट्रेंच कोट पहनकर बारिश की ओर देख रहा था, तब लगा कि कोई बड़ी साजिश रची गई है। कमरे के अंदर का घुटन भरा माहौल और बाहर की ठंडक में बहुत अंतर था। एब मेरी बारी है में हर किरदार की अपनी मजबूरी है। जो व्यक्ति कुर्सी पर बैठा था, उसने अपनी ताकत का लोहा मनवा दिया। खून बहने के बाद भी उसने पलक नहीं झपकाई। यह दृश्य लंबे समय तक याद रहेगा।
यहाँ कानून वही चल रहा था जो कुर्सी पर बैठे व्यक्ति को मंजूर था। एब मेरी बारी है में सत्ता संघर्ष बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। खून बहने के बाद भी उस व्यक्ति ने अपना रुख नहीं बदला। पीछे खड़ा व्यक्ति जैसे उसका सुरक्षा कवच था। बारिश के दृश्य ने कहानी को एक नया मोड़ दिया। यह एपिसोड देखने के बाद मन बेचैन हो गया। बहुत ही शानदार प्रस्तुति है।
जब वह बारिश में खड़ा हुआ, तो लगा कि यह कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। एब मेरी बारी है में हर एपिसोड के बाद नया सवाल खड़ा होता है। खून से सना हाथ और टूटा हुआ कांच सबूत थे कि यहाँ क्या हुआ। सूट वाले व्यक्ति का रवैया बहुत घमंडी था। यह दृश्य दर्शकों को बांधे रखता है। मुझे अगले एपिसोड का इंतज़ार रहेगा। बहुत ही रोमांचक कहानी है।
जमीन पर घुटनों के बल बैठे व्यक्ति की आंखों में आंसू और डर साफ झलक रहा था। सामने बैठे व्यक्ति ने जैसे उसे एक कीड़े की तरह देखा। एब मेरी बारी है के निर्देशक ने कैमरा एंगल्स का बहुत अच्छा इस्तेमाल किया है। करीब से चेहरे के भाव दिखाने से दर्शक खुद को उस स्थिति में महसूस करता है। कांच तोड़ने की आवाज़ ने सन्नाटे को चीर दिया। यह एपिसोड बहुत ही रोमांचक है।
हाथ से टपकता खून सिर्फ चोट नहीं, बल्कि एक चेतावनी थी। उस व्यक्ति ने जानबूझकर कांच तोड़ा होगा ताकि दूसरे डर जाएं। एब मेरी बारी है में ऐसे दृश्य कहानी को आगे बढ़ाते हैं। पीछे खड़ा व्यक्ति भी किसी से कम नहीं लग रहा था, वह हमेशा सतर्क था। कमरे की सजावट बहुत अमीराना थी, जो पात्रों की हैसियत बताती है। मुझे यह ड्रामा बहुत पसंद आ रहा है।
सूट पहने हुए व्यक्ति की आंखों में जो ठंडक है, वह किसी विलेन से कम नहीं लगती। उसने बिना कुछ कहे सब कुछ स्पष्ट कर दिया। नारंगी कपड़ों वाले की हालत देखकर तरस आ रहा था। एब मेरी बारी है की कहानी में यह मोड़ बहुत महत्वपूर्ण साबित होगा। खून की बूंदें कार्पेट पर गिरते हुए दिखाई दीं, जो हिंसा का संकेत है। अंत में बारिश का दृश्य बहुत सिनेमेटिक था। मुझे यह थ्रिलर पसंद आ रहा है।
नारंगी पोशाक वाले व्यक्ति की आंखों में उम्मीद थी कि शायद उसे छोड़ दिया जाए। लेकिन सामने वाले के इरादे कुछ और ही थे। एब मेरी बारी है के इस सीन में इमोशनल टॉर्चर दिखाया गया है। हाथ से खून टपकना एक संकेत था कि अब बर्दाश्त खत्म हो गई है। कमरे का हर कोना इस तनाव को सोख रहा था। मुझे यह शो बहुत पसंद आ रहा है।


इस एपिसोड की समीक्षा