जब वो रानी अपने बीमार बच्चे को गोद में लेकर रो रही थीं, तो दिल पसीज गया। बच्चे की आँखों में वो डर और माँ के चेहरे पर बेबसी साफ़ दिख रही थी। ऐसे दृश्य दिखाते हैं कि महल की दीवारों के पीछे कितनी कहानियाँ दबी होती हैं। नकली बीवी, असली राजकुमार में भावनात्मक पल बहुत गहराई से दिखाए गए हैं, जो दर्शकों को रुला देते हैं।
वो सिपाही जो घुटनों के बल बैठकर चिट्ठी सौंप रहा था, उसके चेहरे पर डर और शर्म दोनों थे। क्या वो मजबूर था या फिर किसी बड़ी साजिश का हिस्सा? राजकुमार का गुस्सा और फिर अचानक शांत हो जाना, ये सब कुछ बहुत संदिग्ध लग रहा था। नकली बीवी, असली राजकुमार की कहानी में हर किरदार के इरादे स्पष्ट नहीं हैं, जो इसे और भी दिलचस्प बनाता है।
महल के अंदर का माहौल इतना भारी था कि साँस लेना भी मुश्किल लग रहा था। मोमबत्तियों की रोशनी में छायाएं और चेहरों के भाव सब कुछ बता रहे थे। जब राजकुमार ने वो चिट्ठी पढ़ी और उनका चेहरा बदल गया, तो लगा कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। नकली बीवी, असली राजकुमार में सेट डिजाइन और लाइटिंग ने कहानी को और भी गहरा बना दिया है।
वो छोटा राजकुमार जो बिस्तर पर लेटा था, उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी। वो सब कुछ समझ रहा था लेकिन बोल नहीं पा रहा था। जब वो दूसरा राजकुमार आया और उसने बच्चे से बात की, तो लगा कि शायद ये बच्चा ही सब कुछ जानता हो। नकली बीवी, असली राजकुमार में बच्चों के किरदार भी बहुत अहम भूमिका निभा रहे हैं।
जब वो दूसरा राजकुमार कमरे में आया और रानी से बात करने लगा, तो माहौल में एक नया तनाव पैदा हो गया। दोनों के बीच की रसायन और बातचीत का तरीका बता रहा था कि इनके बीच कुछ गहरा चल रहा है। नकली बीवी, असली राजकुमार में पात्रों के बीच के रिश्ते बहुत जटिल और दिलचस्प हैं, जो दर्शकों को अनुमान लगाने पर मजबूर कर देते हैं।