PreviousLater
Close

नकली बीवी, असली राजकुमारवां36एपिसोड

like2.0Kchase2.0K

नकली बीवी, असली राजकुमार

सीता को घर वालों ने सताया। भागते वक्त उसकी मुलाकात युवराज राघव से हुई। उस रात रोहन पैदा हुआ। छह साल बाद राघव ने सीता और रोहन को बचाया और महल ले गया – नकली बीवी-बेटा बनाकर। राघव के चाचा ने रोहन को झूठा साबित करने की कोशिश की। खून और राजमुद्रा की परख हुई – दोनों सच निकले। राघव को लगा छह साल पहले वह औरत कोई और थी, पर वह सीता ही थी। आखिर में तीनों मिल गए।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

दो दुल्हनों का टकराव

दोनों लाल पोशाक में सजी हैं लेकिन उनके चेहरे के भाव बिल्कुल अलग हैं। एक की आँखों में चालाकी है तो दूसरी की आँखों में मासूमियत। नकली बीवी, असली राजकुमार के इस एपिसोड में इन दोनों के बीच की दुश्मनी साफ झलक रही है। कौन जीतेगा यह खेल?

मोतियों का जाल

दूसरी दुल्हन की पोशाक पर जड़े मोती और उसकी मुस्कान में छिपी खतरनाक चाल देखकर रोंगटे खड़े हो गए। वह अपनी सहेली को धोखा दे रही है। नकली बीवी, असली राजकुमार में ऐसे धोखेबाज किरदार कहानी को और भी दिलचस्प बना रहे हैं। बहुत ही खूबसूरत लेकिन जहरीली।

मोर की गवाही

कमरे में मौजूद मोर की मूर्ति जैसे इस पूरे नाटक को चुपचाप देख रही हो। जब नौकरानी उस दुल्हन को जबरदस्ती ले गई, तो मोर की आँखें गवाह बनी रहीं। नकली बीवी, असली राजकुमार के सेट डिजाइन में ऐसे छोटे-छोटे विवरण कहानी की गहराई बढ़ाते हैं।

मोमबत्तियों का साया

कमरे में जली मोमबत्तियों की रोशनी में चेहरों के भाव और भी साफ दिख रहे थे। जब एक दुल्हन ने दूसरी के कंधे पर हाथ रखा, तो लगा जैसे बर्फ पघल रही हो या जहर घुल रहा हो। नकली बीवी, असली राजकुमार का यह दृश्य बहुत ही भावनात्मक था।

नौकरानियों की चाल

हरी पोशाक पहनी नौकरानियों ने जिस तरह उस दुल्हन को घेर लिया, उससे साफ था कि यह कोई आम बात नहीं है। रानी माँ के इशारे पर सब कुछ हो रहा है। नकली बीवी, असली राजकुमार में सत्ता का खेल बहुत बारीकी से दिखाया गया है।

और भी शानदार समीक्षाएँ (5)
arrow down