कमरे में लाल और पीले पर्दों का रंग बहुत गहरा है, जो खतरे और प्रेम दोनों का संकेत देता है। नकली बीवी, असली राजकुमार के इस सीन में जब वह व्यक्ति कमरे से बाहर जाता है, तो लगता है जैसे वह अपनी कमजोरी से भाग रहा हो। महिला की सांसें धीमी हैं, पर उसकी आंखें सब कुछ कह रही हैं। यह दृश्य भावनात्मक तनाव से भरा है।
लाल पोशाक में खड़ा बच्चा सबसे ज्यादा दर्दनाक दृश्य है। वह न रोता है न बोलता है, बस देखता रहता है। नकली बीवी, असली राजकुमार में यह दिखाया गया है कि कैसे बच्चे वयस्कों के झगड़ों के बीच फंस जाते हैं। उसकी गर्दन में सोने का हार चमक रहा है, पर उसकी आंखें उदास हैं। यह मासूमियत दर्शकों को रुला देती है।
वह व्यक्ति जो काले कपड़ों में सजा है, उसके चेहरे पर गुस्सा है, पर आंखों में डर। नकली बीवी, असली राजकुमार के इस मोड़ पर लगता है कि वह महिला को खोने से डर रहा है। वह चिल्लाता है, पर उसके हाथ कांप रहे हैं। यह विरोधाभास उसके चरित्र की गहराई दिखाता है। ऐसा लगता है जैसे वह खुद से लड़ रहा हो।
कमरे में जलती मोमबत्तियां सिर्फ रोशनी नहीं, बल्कि समय की गवाह हैं। नकली बीवी, असली राजकुमार के इस दृश्य में जब वह व्यक्ति तेजी से चलता है, तो परछाइयां भी उसके साथ दौड़ती हैं। महिला की सांसें धीमी होती जाती हैं, और लगता है जैसे समय थम गया हो। यह दृश्य बहुत ही सिनेमैटिक और दिल को छू लेने वाला है।
महिला बिस्तर पर लेटी है, पर उसकी आंखें चीख रही हैं। नकली बीवी, असली राजकुमार में यह दिखाया गया है कि कैसे शब्दों की जरूरत नहीं होती जब भावनाएं इतनी गहरी हों। वह व्यक्ति उसके पास खड़ा है, पर दूर लगता है। यह दूरी शारीरिक नहीं, भावनात्मक है। दर्शक इस खामोशी में अपना दर्द महसूस करते हैं।