जब वह काले कपड़ों वाला शख्स रथ में बैठा दिखा, तो समझ गया कि असली खेल अब शुरू होने वाला है। उसकी आँखों में जो गुस्सा और दर्द था, वह सब कुछ बता रहा था। शायद वह सुकिया को ढूंढ रहा था। नकली बीवी, असली राजकुमार की कहानी में यह मोड़ बहुत जरूरी था। अब देखना है कि वह अपनी पत्नी और बेटे को कैसे बचाता है। यह सस्पेंस बहुत बढ़िया बनाया गया है।
सुकिया का किरदार बहुत दिल को छू लेने वाला है। वह कपड़े धोकर अपना और अपने बेटे का पेट पाल रही है, लेकिन उसकी आँखों में हमेशा एक उदासी रहती है। जब रोहन उसे खाना देता है, तो उस पल में जो प्यार है, वह अनमोल है। नेटशॉर्ट ऐप पर नकली बीवी, असली राजकुमार देखकर लगा कि माँ का प्यार सबसे बड़ी ताकत है। उसकी मेहनत और संघर्ष देखकर सम्मान बढ़ जाता है।
वह मोटा आदमी और उसका साथी जिस तरह से सुकिया और रोहन को परेशान कर रहे हैं, वह देखकर गुस्सा आता है। वे जानबूझकर एक कमजोर माँ और बच्चे को सता रहे हैं। जब वह लड़का रोहन को पकड़ता है, तो सुकिया की चीखें दिल दहला देती हैं। नकली बीवी, असली राजकुमार में यह दुश्मनी कहानी को आगे बढ़ाती है। ऐसे विलेन से नफरत होना स्वाभाविक है, लेकिन यही तो ड्रामा है।
छोटा रोहन जिस तरह से अपनी माँ की मदद करता है और उसे खुश करने की कोशिश करता है, वह बहुत प्यारा है। उसके चेहरे पर जो लाल निशान हैं, शायद वह भी किसी मुसीबत की निशानी है। जब वह रोता है और माँ को बुलाता है, तो हर किसी का दिल पिघल जाएगा। नेटशॉर्ट ऐप पर नकली बीवी, असली राजकुमार देखते समय रोहन का किरदार सबसे ज्यादा प्रभावशाली लगा। बच्चों की मासूमियत हमेशा दिल जीत लेती है।
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