पीछे खड़े दरबारी एकदम चुप हैं, किसी में हिम्मत नहीं है कि वह आगे बढ़ सके। यह खामोशी चीख-चीख कर बता रही है कि माहौल कितना विषैला हो चुका है। नकली बीवी, असली राजकुमार का सेट डिजाइन और एक्टिंग लाजवाब है।
कटोरी के पानी में खून का घुलना किसी श्राप जैसा लग रहा है। यह दृश्य बहुत ही सिनेमैटिक है और दर्शकों को बांधे रखता है। नकली बीवी, असली राजकुमार में ऐसे दृश्य ही असली जादू हैं जो बार-बार देखने को मजबूर करते हैं।
सबकी नजरें उस कटोरी पर टिकी हैं जो सबका फैसला तय करेगी। हवा में तनाव इतना गाढ़ा है कि उसे काटा जा सकता है। नकली बीवी, असली राजकुमार का यह अंतिम पड़ाव दर्शकों को झकझोर कर रख देगा।
लोहे के कवच में कैद सेनापति की आंखों में जो नमी है, वह हजार तलवारों से ज्यादा भारी लग रही है। वह राजा के सामने घुटने टेकता है लेकिन उसकी गर्व टूटा नहीं है। नकली बीवी, असली राजकुमार के इस मोड़ पर सेनापति का दर्द दिल को छू लेता है।
सफेद बालों वाली रानी मां का चेहरा पत्थर जैसा सख्त है। वह किसी भी भावना को जाहिर नहीं होने दे रही हैं, लेकिन उनकी आंखें सब कुछ कह रही हैं। नकली बीवी, असली राजकुमार में उनकी भूमिका सबसे रहस्यमयी और शक्तिशाली लग रही है।