जब सेनापति ने वह सफेद वस्तु अपने हाथ में ली और उसकी आँखें नम हो गईं, तो दिल पसीज गया। नकली बीवी, असली राजकुमार के इस मोड़ पर लगता है कि सेनापति पर कोई बहुत बड़ा बोझ आ गया है। उसकी वफादारी और उसके दर्द के बीच का संघर्ष चेहरे पर साफ झलक रहा है। क्या वह राजा के आदेश का पालन कर पाएगा या अपने दिल की सुनेगा? यह अनिश्चितता दर्शकों को बांधे रखती है।
सफेद बालों वाली राजमाता का व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली है कि पूरा दरबार उनकी एक इशारे पर कांप उठता है। नकली बीवी, असली राजकुमार में उनकी मौजूदगी ही यह बताती है कि असली ताकत किसके पास है। जब वे बोलती हैं, तो लगता है कि इतिहास गवाह बन रहा है। उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक है जो सब कुछ जानती प्रतीत होती है। सच में, पीछे बैठकर खेलने वाली सबसे खतरनाक होती हैं।
जैसे ही सेनापति आगे बढ़ा और उन दो अधिकारियों को जमीन पर गिराया, पूरे दरबार में सन्नाटा छा गया। नकली बीवी, असली राजकुमार का यह दृश्य सत्ता के दुरुपयोग और उसके परिणामों को बखूबी दर्शाता है। राजा का चेहरा पत्थर जैसा है, जबकि रानी की आँखों में चिंता साफ दिख रही है। यह दृश्य बताता है कि न्याय कितना निर्दय हो सकता है जब वह डर से प्रेरित हो।
राजा का चेहरा देखकर लगता है कि वह अपने ही महल में कैद है। नकली बीवी, असली राजकुमार में वह सब कुछ देख रहा है लेकिन शायद कुछ कर नहीं सकता। उसकी आँखों में एक अजीब सी बेबसी है जो उसके राजसी वस्त्रों के नीचे दबी हुई है। जब सेनापति उसकी ओर देखता है, तो लगता है कि दोनों के बीच कोई गहरा राज छिपा है जो सामने आने वाला है।
इतने गंभीर और तनावपूर्ण माहौल में छोटे राजकुमार की मुस्कान देखकर दिल को थोड़ी राहत मिली। नकली बीवी, असली राजकुमार में वह एकमात्र ऐसा पात्र है जो इस राजनीतिक दलदल से दूर लगता है। उसकी नीली पोशाक और गले में पहना सोने का हार उसे किसी देवता जैसा बना रहा है। उम्मीद है कि इस बच्चे का भविष्य इतना उलझा हुआ नहीं होगा जितना कि उसके चारों ओर के वयस्कों का है।