शुरू में ही कब्र देखकर हैरानी हुई। युवा वैद्य का अंदाज बहुत लाजवाब है। रघव सिन्हा की एंट्री धमाकेदार रही। अमर सुई सीरीज में ऐसा ट्विस्ट नहीं देखा था। सुइयों का खेल देखकर रोंगटे खड़े हो गए। माहौल में तनाव साफ झलक रहा है। दोनों महिलाएं चुपचाप सब देख रही हैं। कहानी आगे क्या मोड़ लेगी यह देखना बाकी है। दर्शक को बांधे रखने वाली कहानी है।
हाथ में सुई पकड़ते ही हीरो की पहचान बदल गई। व्हीलचेयर वाले दादाजी का रिएक्शन देखने लायक था। अनमोल दिल ड्रामे में इतनी गहराई कम ही मिलती है। बैग से निकाला कपड़ा और सुइयां बहुत प्रोफेशनल लगीं। बॉडीगार्ड्स की चुप्पी भी डरावनी थी। हर किरदार ने अपना रंग जमाया है। डायलॉग बाजी में दम है। संगीत का असर भी गहरा था।
बुजुर्ग व्यक्ति ने जब सुई निकाली तो लगा कोई जादू हो रहा है। युवा लड़के ने चुनौती स्वीकार की। अमर सुई का नाम सार्थक लग रहा है इस वक्त। जंगल का लोकेशन बहुत सूट कर रहा है। सफेद सूट वाली लड़की की चिंता साफ दिख रही थी। काले कपड़े वाली खामोश रही। क्लाइमेक्स की तरफ बढ़ते कदम साफ दिख रहे हैं। एक्टिंग बहुत नेचुरल लगी।
दोनों ग्रुप के बीच की दुश्मनी हवा में तैर रही है। व्हीलचेयर पर बैठे व्यक्ति की पावर फील हो रही है। अनमोल दिल जैसी कहानियों में ऐसा संघर्ष अच्छा लगता है। हीरो की आंखों में आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। सुइयों की नोक पर जान का खेल लग रहा है। संगीत और बैकग्राउंड साउंड परफेक्ट था। देखने वाले की सांसें रुक जाएं।
हरे जैकेट वाले लड़के ने सबका ध्यान खींच लिया। उसकी बातों में वजन था। रघव सिन्हा को चुनौती देना आसान नहीं था। अमर सुई शो में यह एपिसोड यादगार बन गया। बैग से सामान निकालने का स्टाइल बहुत शानदार था। दोनों लड़कियों के चेहरे पर सवाल थे। आगे की कहानी में क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।
कपड़े में लिपटी सुई देखकर पुराने जमाने की याद आई। बुजुर्ग व्यक्ति की आंखों में नमी थी। अनमोल दिल में भावुक सीन कम ही आते हैं। युवा वैद्य ने हुनर दिखाकर सबको चौंका दिया। बॉडीगार्ड्स की मौजूदगी खतरे का संकेत दे रही थी। जंगल की खामोशी में शोर था। हर फ्रेम बहुत खूबसूरत बनाया गया है।
सफेद सूट वाली लड़की बहुत प्यारी लग रही थी। काले कपड़े वाली का लुक भी शानदार था। अमर सुई में स्टाइलिंग पर ध्यान दिया गया है। एक्टिंग में कोई कमी नहीं लगी। व्हीलचेयर वाले दादा का मेकअप बहुत असली था। हीरो की सादगी भी भा गई। सभी किरदारों के कपड़े माहौल के हिसाब से थे।
सुई दिखाते ही माहौल गंभीर हो गया। रघव सिन्हा की ताकत सब जानते हैं। अनमोल दिल की कहानी में यह मोड़ हो सकता है। युवा लड़के को सावधान रहना चाहिए। बॉडीगार्ड्स कभी भी हमला कर सकते हैं। तनाव बढ़ती जा रही है। दर्शक को बंधाकर रखने वाली कहानी है। अगले एपिसोड का इंतजार रहेगा।
बिना बोले ही सब कुछ कह दिया गया। सुइयों की चमक में जादू था। अमर सुई ड्रामे में हुनर को अहमियत मिली है। बुजुर्ग व्यक्ति ने भी हुनर पहचाना। युवा वैद्य की हिम्मत देखकर दाद मिलनी चाहिए। दोनों महिलाएं हैरान थीं। लोकेशन और लाइटिंग बहुत प्राकृतिक लगी। ऐसे सीन बार बार देखने को मिलते हैं।
कब्र से लेकर सुई तक का सफर दिलचस्प था। रघव सिन्हा का रोल बहुत मजबूत था। अनमोल दिल में ऐसे किरदार यादगार बन जाते हैं। हीरो ने अपनी जगह बना ली है। अब इलाज कैसे होगा यह देखना बाकी है। परिवार के बीच की कशमकश साफ दिख रही है। निर्देशन बहुत दमदार है। पूरा सीन एक फिल्म जैसा लगा।
इस एपिसोड की समीक्षा
नवीनतम