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Amar Sui, Anmol Dil

Amar Dwar ka head Vihaan Rajvansh pahaad se utarta hai. Uska kaam hai — apne guru ki amar sui wapas lena aur apni already-fixed shaadi karna. Par Kapoor parivaar usse dhoka dena chahta hai, aur kuch aur log bhi peeche hai. Vihaan ek ek karke sui dhundhta hai aur dushmano ko jawab deta hai. Beech mein uski mulaqat Anvi Sinha se hoti hai. Kya Vihaan apni mission complete kar paayega? Aur kya Anvi aur Vihaan ka rishta aage badh paayega?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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घमंड का अंत

उस बूढ़े आदमी की हालत देखकर रोंगटे खड़े हो गए। शुरू में इतना घमंड था, फिर एक पल में सब खत्म हो गया। अमर सुई, अनमोल दिल की कहानी में ऐसा मोड़ पहले कभी नहीं देखा था। सूट वाले लड़के की शांति थोड़ी डरावनी लग रही थी। उसकी आँखों में कोई डर नहीं था, बस एक अजीब सा ठहराव था जो सब कुछ बता रहा था। ये पल बहुत ही तनावपूर्ण था।

खामोश गवाह

नीली साड़ी वाली लड़की चुपचाप खड़ी रही, पर उसकी आँखों में डर साफ था। जब वो बूढ़ा आदमी गिरा, तो लगा जैसे किसी अदृश्य शक्ति ने वार किया हो। नेटशॉर्ट ऐप पर ये सीन देखकर बहुत मज़ा आ गया। हर एक्शन के पीछे एक वजह थी। लड़की का खामोश रहना भी एक संदेश था कि वो इस सबका हिस्सा है। माहौल बहुत गंभीर था।

ठंडा खिलाड़ी

भूरे सूट वाला शख्स इतना ठंडा कैसे रह सकता है? सामने खून बह रहा है और उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। अमर सुई, अनमोल दिल की ये कड़ी सबसे श्रेष्ठ लग रही है। ताकत के समीकरण बहुत गजब के हैं। उसकी हरकतें बता रही थीं कि वो इस खेल का असली खिलाड़ी है। सब कुछ उसके इशारे पर हो रहा था। ये किरदार बहुत मजबूत है।

असली मालिक

जब वो सब लोग घुटनों पर बैठ गए, तब समझ आया कि असली मालिक कौन है। बूढ़े आदमी का मुँह से खून निकलना बहुत असली लगा। एक्टिंग में दम है, बिल्कुल भी फीका नहीं लगा। उस दर्द को चेहरे पर साफ देखा जा सकता था। ये सीन देखकर लगता है कि कहानी में बड़ा बदलाव आने वाला है। सबकी साँसें थम सी गई थीं।

वीरान माहौल

वीरान इमारत का माहौल ही कुछ और था। ठंडी रोशनी और तनावपूर्ण चेहरे। अमर सुई, अनमोल दिल में ऐसे दृश्य बार बार देखने को मिलते हैं। हर फ्रेम में एक कहानी छिपी हुई है। दीवारों की खामोशी भी चीख रही थी। ये जगह किसी रहस्य का गढ़ लग रही थी जहाँ सब कुछ बदलने वाला था। दृश्य बहुत अच्छे थे।

इशारे की ताकत

उंगली के इशारे पर सब कुछ बदल गया। जादू है या ताकत, पता नहीं चला। पर वो लड़का वास्तव में खतरनाक लग रहा था। मैं तो बस देखता ही रह गया, साँस रुक सी गई थी। उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी। ऐसा लगा जैसे उसने पहले से सब योजना बना रखी हो। ये पल सिनेमा जैसा था। बहुत ही नाटकीय पल था।

बेबसी के आँसू

उस बूढ़े की आँखों में बेबसी साफ दिख रही थी। कल तक जो राजा था, आज वो रंक बन गया। अमर सुई, अनमोल दिल की ये कहानी दिल को छू गई। बदलाव बहुत तेज़ी से आया। उसकी साँसें तेज़ थीं और चेहरा पीला पड़ गया था। ये पतन बहुत दर्दनाक था पर जरूरी भी था। दर्शक को बांधे रखने वाली एक्टिंग थी।

खामोश झुकाव

पीछे से आए लोग भी बिना कुछ बोले झुक गए। ये खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। सूट वाले लड़के का किरदार बहुत रहस्यमयी है। आगे क्या होगा, ये जानने की उत्सुकता है। सबने एक साथ झुकना दिखाया कि ताकत किसके पास है। ये दृश्य बहुत प्रभावशाली था। हर कोई उसकी हुकूमत मान रहा था।

खून के निशान

खून के दाग और गिरती हुई कुर्सी, सब कुछ बहुत नाटकीय था। पर इसमें एक अजीब सा आकर्षण है। अमर सुई, अनमोल दिल देखते वक्त समय का पता नहीं चलता। बस देखते ही रहो। हर बारीकी पर ध्यान दिया गया है। फर्श पर गिरा खून कहानी का मोड़ बता रहा था। ये दृश्य बहुत मजबूत थे। मन पर गहरा असर हुआ।

जीत की मुस्कान

अंत में जब उसने ऊपर देखा, तो लगा जैसे उसने सब कुछ जीत लिया हो। ये जीत आसान नहीं थी। पर अब वो सबसे ऊपर है। ये सीन मुझे बहुत देर तक याद रहेगा। उसकी मुस्कान में एक अलग ही मतलब था। अब कहानी नए मोड़ पर है। सबकी नज़रें उसी पर टिकी हुई थीं। ये अंत बहुत संतोषजनक था।