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Amar Sui, Anmol Dil

Amar Dwar ka head Vihaan Rajvansh pahaad se utarta hai. Uska kaam hai — apne guru ki amar sui wapas lena aur apni already-fixed shaadi karna. Par Kapoor parivaar usse dhoka dena chahta hai, aur kuch aur log bhi peeche hai. Vihaan ek ek karke sui dhundhta hai aur dushmano ko jawab deta hai. Beech mein uski mulaqat Anvi Sinha se hoti hai. Kya Vihaan apni mission complete kar paayega? Aur kya Anvi aur Vihaan ka rishta aage badh paayega?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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खीरे का अपमान

इस दृश्य में हरे जैकेट वाले ने सफेद सूट वाले को सबक सिखाया। खीरे के टुकड़े फेंकना बहुत बड़ा अपमान था। सब लोग जमीन पर झुक गए। अनमोल दिल में ऐसा दृश्य पहले नहीं आया। सफेद सूट वाला गुस्से से पागल हो गया। उसका चेहरा लाल हो गया। यह बदले की शुरुआत है। हर कोई हैरान था कि वह इतना शांत कैसे रहा। उसकी आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। किसी ने कुछ नहीं कहा। सब डर गए। माहौल बहुत खराब हो गया था।

पैसे की बारिश

जब उसने नोटों की गड्डियां हवा में उड़ाईं, तो सबकी सांसें रुक गईं। सुनहरी पोशाक वाली की आंखें फटी रह गईं। अमर सुई की कहानी में पैसा ही सब कुछ है। सफेद सूट वाला सीने को पकड़कर गिर गया। उसे लगा कि उसकी इज्जत लुट गई है। यह दृश्य बहुत नाटकीय था। उसकी जीत साफ दिख रही थी। कोई कुछ बोल नहीं पा रहा था। सब स्तब्ध थे। वहां सन्नाटा छा गया। सब देखते रहे।

दिल का दौरा

सफेद सूट वाले को अचानक दिल का दर्द हुआ। वह कुर्सी पर गिर पड़ा। सुनहरी पोशाक वाली ने उसे सहारा दिया। लेकिन वह नहीं रुका। अनमोल दिल में ऐसे मोड़ आम हैं। बुजुर्ग चुपचाप सब देख रहा था। उसे सब पता था। यह एक योजना थी। गुस्से में इंसान क्या कर सकता है, यह दिख गया। सब लोग घबरा गए। माहौल बहुत तनावपूर्ण हो गया। कोई मदद नहीं आ रही थी।

शांत प्रतिशोध

हरे जैकेट वाला बिल्कुल नहीं चिल्लाया। उसने चुपचाप सब किया। सफेद सूट वाला चिल्ला रहा था। अमर सुई में शांत नायक ही जीतता है। उसकी आंखों में ठंडक थी। उसने पैसे निकाले और सबको दिखाया। यह उसकी ताकत थी। विरोधी टीम हार गई। सब कुछ योजना के अनुसार हुआ। कोई शोर नहीं था, बस सन्नाटा था। यह बहुत प्रभावशाली था। सब हैरान थे।

भीड़ की प्रतिक्रिया

जब खीरे गिरे, तो लोग उन्हें उठाने लगे। यह बहुत शर्मनाक था। सफेद सूट वाले के लोग झुक गए। अनमोल दिल में इज्जत का खेल चल रहा है। हरे जैकेट वाला ऊपर खड़ा रहा। उसने किसी को नहीं देखा। उसे फर्क नहीं पड़ा। यह उसका रवैया था। सबको अपनी औकात याद दिला दी। भीड़ हैरान थी। कोई कुछ बोलने की हिम्मत नहीं कर रहा था। सब डर रहे थे।

बुजुर्ग की चुप्पी

पारंपरिक कपड़े वाला बुजुर्ग कुछ नहीं बोला। वह बस देख रहा था। उसके हाथ में खीरा था। अमर सुई में बुजुर्गों की भूमिका अहम है। वह जानता था कि क्या होने वाला है। हरे जैकेट वाले को उसका आशीर्वाद मिला। सफेद सूट वाला अकेला पड़ गया। सब उसका साथ छोड़ गए। वह मदद के लिए चिल्लाया। लेकिन कोई नहीं आया। वह अकेला था।

घबराहट का पल

सुनहरी पोशाक वाली बहुत डर गई। उसका चेहरा पीला पड़ गया। उसने सफेद सूट वाले को बचाने की कोशिश की। अनमोल दिल में लोग अक्सर फंस जाते हैं। वह उसको देख रही थी। उसे लगा कि सब खत्म हो गया। उसकी आंखों में आंसू थे। वह कुछ बोल नहीं पा रही थी। उसकी सांसें तेज हो गईं। वह कांप रही थी। उसे डर लग रहा था।

लाल सूट वाला

लाल सूट वाला भी हैरान था। वह कुछ बोलने की कोशिश कर रहा था। लेकिन हरे जैकेट वाले ने उसे चुप करा दिया। अमर सुई में कोई नहीं बचता। सबको सबक मिलता है। उसने उंगली उठाई लेकिन रुक गया। उसे डर लग रहा था। उसकी ताकत सबके सामने थी। वह पीछे हट गया। उसकी हिम्मत टूट गई। सब देखते रहे। कोई नहीं हिला।

जन्मदिन की पार्टी

यह जन्मदिन की पार्टी थी लेकिन लड़ाई हो गई। स्क्रीन पर लंबी उम्र का प्रतीक था। सब खुश होने वाले थे। अनमोल दिल में त्योहार पर झगड़ा होता है। सफेद सूट वाला मेजबान था। लेकिन उसकी इज्जत उतर गई। हरे जैकेट वाला मेहमान था। उसने सब बदल दिया। यह यादगार पार्टी बन गई। सब हैरान थे। कोई नहीं जानता था कि ऐसा होगा।

अंत की तनाव

अंत में सफेद सूट वाला बेहोश हो गया। वह वहां से जाने लगा। उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अमर सुई का अंत हमेशा ऐसा होता है। विजेता वही है जो शांत रहे। हारे हुए लोग जमीन पर थे। यह न्याय था। सबको राहत मिली। वह हीरो बन गया। सब उसकी तारीफ कर रहे थे। यह बहुत रोमांचक था। सब खुश थे।