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Amar Sui, Anmol Dil

Amar Dwar ka head Vihaan Rajvansh pahaad se utarta hai. Uska kaam hai — apne guru ki amar sui wapas lena aur apni already-fixed shaadi karna. Par Kapoor parivaar usse dhoka dena chahta hai, aur kuch aur log bhi peeche hai. Vihaan ek ek karke sui dhundhta hai aur dushmano ko jawab deta hai. Beech mein uski mulaqat Anvi Sinha se hoti hai. Kya Vihaan apni mission complete kar paayega? Aur kya Anvi aur Vihaan ka rishta aage badh paayega?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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इशिता का दर्द

इशिता की आंखों में वो मायूसी देखकर दिल भर आया। जब डॉक्टर ने बताया कि ऑपरेशन संभव नहीं है, तो उसका चेहरा पड़ गया। अमर सुई, अनमोल दिल जैसे शो में भी ऐसा ही दर्द दिखा था। हॉस्पिटल का माहौल बहुत रियल लगा। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का अनुभव काफी अच्छा रहा है। बस यही उम्मीद है कि आगे कहानी में कोई चमत्कार हो। इशिता की एक्टिंग ने दिल जीत लिया।

व्हीलचेयर की मजबूरी

व्हीलचेयर पर बैठी इशिता की मजबूरी साफ झलक रही थी। डॉक्टर साहब की बातें सुनकर वो टूट सी गई। यह दृश्य बहुत इमोशनल था। अमर सुई, अनमोल दिल की कहानी भी ऐसे ही मोड़ लेती है। क्लोज़अप शॉट्स में उसका दर्द साफ दिख रहा था। गले का हार भी बहुत प्यारा था। मुझे लगता है दूसरा डॉक्टर कुछ नया लेकर आएगा। वीडियो की क्वालिटी भी बहुत अच्छी है।

डॉक्टर की गंभीरता

रिपोर्ट हाथ में लेकर डॉक्टर का चेहरा गंभीर था। इशिता ने जब ऊपर देखा, तो लगा वो भगवान से प्रार्थना कर रही है। यह सीन बहुत भारी था। अमर सुई, अनमोल दिल में भी ऐसे ही ट्विस्ट आते हैं। हॉस्पिटल की कॉरिडोर में शांति थी बस बातों की गूंज थी। इशिता का पर्पल ड्रेस बहुत सूट कर रहा था। कहानी आगे क्या मोड़ लेगी यह देखना बाकी है।

हिम्मत की मिसाल

पहली बार देखा कि कोई इतनी खूबसूरत लड़की व्हीलचेयर पर हो। इशिता का सब्र देखकर दाद देनी पड़ती है। डॉक्टर की बात सुनकर भी वो रोई नहीं। अमर सुई, अनमोल दिल जैसे ड्रामे में हिम्मत दिखाई जाती है। नेटशॉर्ट पर ऐसे कंटेंट मिलना सुखद है। दूसरे डॉक्टर की एंट्री से उम्मीद जागी है। शायद वो इलाज कर पाए। बस यही दुआ है।

सन्नाटे का शोर

मेडिकल रिपोर्ट में सब साफ लिखा था, नसें पूरी तरह खराब। इशिता के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी बस आंखें नम थीं। अमर सुई, अनमोल दिल की फीलिंग आई इस सीन में। डॉक्टर का व्यवहार बहुत प्रोफेशनल था। बैकग्राउंड म्यूजिक नहीं था फिर भी सन्नाटा बोल रहा था। इशिता की एक्टिंग ने जान डाल दी। आगे का एपिसोड देखने को बेताब हूं।

लाइटिंग का कमाल

हॉस्पिटल की लाइटिंग बहुत सही थी, उदासी को बढ़ा रही थी। इशिता ने जब डॉक्टर की बात मानी, तो लगा वो हार मान गई। अमर सुई, अनमोल दिल में भी ऐसे ही पल आते हैं। व्हीलचेयर का इस्तेमाल बहुत नेचुरल लगा। दूसरे डॉक्टर की एंट्री ने कहानी में रंग भर दिया। मुझे लगता है अब कहानी में ट्विस्ट आएगा। नेटशॉर्ट ऐप का इंटरफेस भी यूजर फ्रेंडली है।

परिवार की जिम्मेदारी

इशिता शर्मा का किरदार बहुत मजबूत लगा। परिवार की हेड होने का बोझ और फिर यह बीमारी। अमर सुई, अनमोल दिल की तरह यह भी फैमिली ड्रामा लग रहा है। डॉक्टर ने जब ऑपरेशन से मना किया तो झटका लगा। वीडियो की एडिटिंग बहुत स्मूथ थी। हर फ्रेम में दर्द साफ दिख रहा था। बस यही चाहती हूं कि इशिता को न्याय मिले। कहानी बहुत गहरी है।

पहियों की आवाज

व्हीलचेयर के पहियों की आवाज भी सन्नाटे में गूंज रही थी। इशिता की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। अमर सुई, अनमोल दिल में भी खामोशी का इस्तेमाल अच्छा होता है। डॉक्टर की वर्दी साफ सुथरी थी। सेट डिजाइन बहुत असली लगा। नेटशॉर्ट पर वीडियो देखने का अनुभव बिना रुकावट के रहा। आगे क्या होगा यह जानना जरूरी हो गया है।

छत की तरफ नजर

जब इशिता ने ऊपर छत की तरफ देखा, तो लगा वो हिम्मत जुटा रही है। डॉक्टर की बातें कड़वी थीं पर सच थीं। अमर सुई, अनमोल दिल जैसे शो सच दिखाते हैं। पर्पल ड्रेस में वो बहुत खूबसूरत लग रही थी। दूसरे डॉक्टर की मुस्कान से थोड़ी राहत मिली। कहानी में अब नया मोड़ आएगा। मुझे यह सीरीज बहुत पसंद आ रही है। बस यही उम्मीद है।

आवाज में दर्द

रिपोर्ट पढ़ते वक्त डॉक्टर की आवाज में दर्द था। इशिता ने हिम्मत नहीं हारी, यह काबिले तारीफ है। अमर सुई, अनमोल दिल की कहानियां भी ऐसा ही जज्बा देती हैं। हॉस्पिटल का माहौल बहुत शांत था। नेटशॉर्ट ऐप पर कंटेंट की क्वालिटी अच्छी मिल रही है। इशिता की आंखों में आंसू नहीं थे पर दर्द था। आगे की कहानी देखने को दिल कर रहा है।