इस शॉर्ट फिल्म में रोमांस और करियर का खूबसूरत संगम देखा जा सकता है। पहले दृश्य में जो जबरदस्त केमिस्ट्री दिखाई गई, वो दिल को छू लेती है। फिर अगले दिन की सुबह और एक हफ्ते बाद का ट्विस्ट देखकर लगता है कि कहानी में गहराई है। कुकिंग का राजा नामक इस ड्रामे में भावनाओं को बहुत बारीकी से दिखाया गया है।
कहानी की शुरुआत एक इंटीमेट मोमेंट से होती है, लेकिन अंत एक प्रोफेशनल सेटिंग में होता है। यह ट्रांजिशन बहुत ही स्मूथ है। पात्रों के बीच की नोक-झोंक और फिर रेस्टोरेंट में मिलना, सब कुछ बहुत नेचुरल लगता है। कुकिंग का राजा ने साबित किया है कि प्यार और काम दोनों को एक साथ बैलेंस किया जा सकता है।
सुबह उठने का दृश्य और फिर किचन में मिला नोट, यह सीन बहुत ही प्यारा लगा। लड़की के चेहरे पर मुस्कान देखकर लगता है कि उसे अपनी जिंदगी में कुछ अच्छा मिलने वाला है। यह छोटा सा नोट कहानी को एक नया मोड़ देता है। कुकिंग का राजा की यह छोटी सी डिटेल बड़ी कहानी कह जाती है।
एक हफ्ते बाद का सीन जहां लड़का शेफ की वर्दी में है और लड़की उसे हेल्प कर रही है, यह देखकर लगता है कि उनके रिश्ते में नई गर्माहट आई है। प्रोफेशनल सेटिंग में भी उनका प्यार झलकता है। कुकिंग का राजा ने दिखाया कि प्यार किसी भी ड्रेस में खूबसूरत लगता है।
पहले दृश्य में जो पैशन दिखा, फिर सुबह की अकेलापन और फिर रेस्टोरेंट में मिलन, यह सब एक इमोशनल रोलरकोस्टर जैसा है। दर्शक के रूप में आप हर मोड़ पर कुछ नया महसूस करते हैं। कुकिंग का राजा ने कम समय में इतनी गहरी कहानी कहना आसान नहीं है, लेकिन यह कर दिखाया।