कुकिंग का राजा में सैल्मन काटने का दृश्य देखकर मैं हैरान रह गया। लुईस की उंगलियों का हर हिलना इतना सटीक था जैसे कोई सर्जरी हो रही हो। ब्रायंट का उत्साह और हैंक की गंभीरता के बीच का तनाव कमाल का था। रसोई की हर आवाज़, हर नज़ारा इतना असली लगता है कि लगता है मैं वहीं खड़ा हूं। यह शो सिर्फ खाना बनाना नहीं, बल्कि एक कला है।
जब ब्रायंट ने लुईस को सिखाने की कोशिश की, तो मुझे लगा जैसे मैं किसी कॉमेडी शो में हूं। लेकिन हैंक एंडरसन के आते ही माहौल बदल गया। उनकी सख्ती और प्रोफेशनलिज्म देखकर लगता है कि वे सच में किंग ऑफ कुकिंग हैं। कुकिंग का राजा ने मुझे सिखाया कि खाना बनाने में अनुशासन कितना ज़रूरी है। वज़न का सही होना भी एक कला है।
लुईस बिना कुछ बोले सब कुछ समझ गया, यह देखकर मैं दंग रह गया। हैंक की एक नज़र में इतनी ताकत थी कि पूरी रसोई चुप हो गई। कुकिंग का राजा में ऐसे पल बहुत हैं जो बिना डायलॉग के कहानी कह देते हैं। एलिस और वेस के रिएक्शन भी कमाल के थे। यह शो सिर्फ खाने के बारे में नहीं, बल्कि इंसानों के रिश्तों के बारे में भी है।
जब हैंक ने सैल्मन को तराज़ू पर रखा और ठीक २५० ग्राम दिखा, तो मैं तालियां बजाने लगा। कुकिंग का राजा में ऐसे छोटे-छोटे डिटेल्स ही शो को खास बनाते हैं। लुईस की मेहनत और हैंक की परफेक्शन के बीच का संघर्ष देखने लायक है। रसोई की हर चीज़ इतनी साफ़ और व्यवस्थित है कि लगता है मैं किसी पांच सितारा होटल में हूं।
ब्रायंट की बातें सुनकर लगता है जैसे वह रसोई का रोमांचक हिस्सा है, जबकि लुईस शांत होकर अपना काम कर रहा है। कुकिंग का राजा में इन दोनों के बीच का कंट्रास्ट बहुत अच्छा दिखाया गया है। हैंक का एंट्री करते ही सबकी सांसें रुक गईं, यह पल मैं कभी नहीं भूलूंगा। यह शो मुझे हर एपिसोड के बाद खाना बनाने के लिए प्रेरित करता है।