जब आर्यन राना ने उस विशाल पत्थर को एक ही झटके में हिला दिया, तो समझ गया कि वह सिर्फ एक साधारण लड़का नहीं है। उसकी आँखों में छिपा गुस्सा और ताकत देखकर रोंगटे खड़े हो गए। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में यह सीन सबसे बेहतरीन था जहाँ उसने अपनी माँ की इज्जत बचाने के लिए अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। काश हम सब में भी इतना साहस होता!
कश्यप दाओ का किरदार बहुत ही गहरा है। जब वह आर्यन से लड़ रहा था, तो उसकी हर चाल में एक योजना छिपी थी। उसने जानबूझकर आर्यन को हराया ताकि उसकी असली ताकत जाग सके। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में ऐसे गुरु-शिष्य के रिश्ते बहुत कम देखने को मिलते हैं। उसकी दाढ़ी और आँखें ही सब कुछ बता देती हैं कि वह कितना खतरनाक है।
किरण देवी का किरदार दिल को छू लेने वाला है। जब उसने आर्यन को डांटा और फिर पत्थर के पास ले गई, तो लगा कि वह उसे डराना नहीं, बल्कि जगाना चाहती है। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में माँ का यह रूप बहुत ही अनोखा है। उसकी आँखों में डर नहीं, बल्कि उम्मीद थी कि उसका बेटा एक दिन जरूर जागेगा।
रुद्र राना के चेहरे पर हमेशा एक मुस्कान रहती है, लेकिन उसकी आँखें कुछ और ही कहानी कहती हैं। जब वह आर्यन को नीचे गिराता है, तो लगता है कि वह परिवार में अपनी सत्ता जमाना चाहता है। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में विलेन का यह रूप बहुत ही खतरनाक है। उसकी हर चाल में जहर है।
वीर राना के सिर पर पट्टी देखकर लगा कि वह किसी बड़ी लड़ाई से लौटा है। लेकिन जब आर्यन आता है, तो उसकी आँखों में जलन साफ दिखती है। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में भाइयों के बीच की यह दुश्मनी बहुत ही दर्दनाक है। क्या वीर कभी आर्यन को अपना भाई मान पाएगा?