कुकिंग का राजा में शेफ का अंदाज़ ही कुछ और है। काले यूनिफॉर्म में लाल बेल्ट और बांहों पर चमड़े के गार्ड्स पहनकर वह सिर्फ खाना नहीं, एक परफॉर्मेंस पेश कर रहा है। जजों के सामने जब वह ट्रे लेकर पहुंचा, तो उसकी आंखों में जीत की चमक साफ दिख रही थी। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ड्रामेटिक मोमेंट्स देखना बहुत सुकून देता है।
नीली ड्रेस वाली महिला जज ने जब पहला निवाला खाया, तो उसकी आंखें बंद हो गईं। ऐसा लगा जैसे उसे बचपन की कोई याद ताज़ा हो गई हो। वहीं फूलों वाले कोट वाले बुजुर्ग जज ने कांटे से खेलते हुए गहरी सोच में डूबे रहना पसंद किया। कुकिंग का राजा में हर जज की अपनी अलग पहचान है, जो शो को और भी रोचक बनाती है।
पीछे स्क्रीन पर आग और बर्फ का ग्राफिक और बीच में सुनहरा सिंहासन – यह सेट डिज़ाइन ही बता रहा है कि यह कोई आम कुकिंग शो नहीं है। ०४:५५ से शुरू हुआ काउंटडाउन शेफ पर दबाव तो डाल रहा था, लेकिन उसने घबराहट को मुस्कान में बदल दिया। कुकिंग का राजा का यह एपिसोड तनाव और उत्साह का बेहतरीन मिश्रण है।
पीछे खड़े दर्शकों के चेहरे पर उत्सुकता और हैरानी दोनों साफ झलक रहे थे। जब शेफ ने प्लेट्स सर्व कीं, तो कुछ लोग आगे झुक गए, जैसे वे हर निवाले का स्वाद महसूस कर रहे हों। कुकिंग का राजा में सिर्फ जज ही नहीं, बल्कि ऑडियंस भी शो का अहम हिस्सा बन जाती है। नेटशॉर्ट पर ऐसे शो देखना एक अलग ही अनुभव है।
काले कटोरों में सजाया गया ब्राउन सॉस, सफेद पनीर जैसा टुकड़ा और ऊपर हरे धनिया के पत्ते – यह सिर्फ खाना नहीं, कला है। शेफ ने हर प्लेट में सोने की पत्ती भी डाली है, जो बताती है कि वह लक्जरी और स्वाद दोनों पर ध्यान देता है। कुकिंग का राजा में ऐसे विजुअल डिटेल्स शो को और भी आकर्षक बनाते हैं।