सम्राज्ञी बेबस के इस दृश्य में तनाव इतना गहरा है कि सांस रुक जाती है। रानी का चेहरा पत्थर जैसा सख्त है जबकि नीचे खड़े मंत्री डरे हुए हैं। वह लड़की जो जमीन पर घुटनों के बल बैठी है उसकी आंखों में बेबसी साफ दिख रही है। अजेय रंगीला का किरदार बीच में आकर स्थिति को और भी जटिल बना देता है। जब सैनिक उस लकड़ी के तख्ते को लेकर आता है तो लगता है कि अब कोई बड़ी सजा होने वाली है। राजसी ठाठ और क्रूरता का यह मिश्रण दर्शकों को बांधे रखता है।