अजेय रंगीला और सम्राज्ञी बेबस के बीच की खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है। रथ में बैठकर जब वो एक-दूसरे को घूरती हैं, तो लगता है कि शब्दों की जरूरत ही नहीं, आँखें सब कह रही हैं। बाहर घोड़ा दौड़ता है, अंदर दिल धड़कते हैं, पर चेहरे पत्थर जैसे। संगीत का दृश्य तो जैसे किसी और दुनिया का हो, जहाँ राजा मुस्कुरा रहे हैं और रानी वाद्य बजा रही है, पर दोनों के बीच एक अदृश्य दीवार है। यह ड्रामा नहीं, असली जीवन का टकराव है।