इस दृश्य में माँ और बच्चे के बीच का रिश्ता दिल को छू लेता है। जब बच्चा पिंजरे में रोता है और माँ बाहर से उसे देखकर टूट जाती है, तो लगता है जैसे चाँद का कशिश, ज़ालिम की धड़कन ने सच्चे प्यार को भी कैद कर लिया हो। नीली रोशनी और आँसुओं का मिश्रण इतना गहरा है कि दर्शक भी रो पड़े। बच्चे की चीख और माँ की बेबसी—यह दृश्य सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक अनुभव है।