शुरुआत में तो लगा कि यह आदमी सच में पागल हो गया है, इतनी बेरहमी से गला दबा रहा था कि साँस रुक जाएगी। लेकिन जैसे-जैसे चाँद का कशिश, ज़ालिम की धड़कन आगे बढ़ा, पता चला कि यह सब एक गहरे दर्द और मोहब्बत का खेल है। नीली रोशनी में वो दोनों जब ज़मीन पर गिरते हैं, तो लगता है जैसे दुनिया थम गई हो। उस औरत की आँखों में डर नहीं, बल्कि एक अजीब सी चमक थी—जैसे वो जानती हो कि यह आदमी उसे कभी मार नहीं सकता। बच्चे का रोना, पिंजरे का दृश्य—सब कुछ इतना भावनात्मक था कि दिल भर आया। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ड्रामे देखकर लगता है कि प्यार और नफरत की लकीरें कितनी पतली होती हैं।