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चाँद का कशिश, ज़ालिम की धड़कनवां70एपिसोड

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चाँद का कशिश, ज़ालिम की धड़कन

पुरातात्विक संरक्षिका चंद्रिका एक उपन्यास में फँसकर रोशनी राजकुमारी की जगह ले लेती है। कहानी के अनुसार तीन दिन बाद ज़ालिम शासक रुद्रप्रताप उसे मार डालेगा। जान बचाने के लिए वह उससे उलझती है, हर जाल को चतुराई से नाकाम करती है। धीरे-धीरे दोनों के बीच कशिश बढ़ती है। चंद्रिका रुद्रप्रताप के बचपन के घावों को भरती है और उसके अकेले दिल को गर्माहट देती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

सत्ता का प्रतीक और आँसू

इस दृश्य में तनाव इतना गहरा है कि सांस रुक जाती है। जब सैनिक तलवारें तानते हैं, तो लगता है कि सब खत्म हो गया, लेकिन उस महिला ने जिस तरह से लिंग टोकन दिखाया, वह सच में रोंगटे खड़े करने वाला पल था। चाँद का कशिश, ज़ालिम की धड़कन जैसे शो में भी इतनी तीव्रता शायद ही कभी देखी हो। उसकी आँखों में डर नहीं, बल्कि एक ठंडा गुस्सा और मजबूरी साफ दिख रही थी। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना एक अलग ही अनुभव है, जहाँ हर फ्रेम में कहानी छिपी होती है। अंत में उसका आँसू टपकना दिल को छू गया, यह दिखाता है कि सत्ता के पीछे कितना दर्द छिपा होता है।