इस दृश्य में तनाव इतना ज्यादा है कि सांस रुक जाती है। जब बूढ़े आदमी ने गहने की असली पहचान बताई, तो सबके चेहरे के भाव बदल गए। लड़की की मासूमियत और लालच के बीच का संघर्ष देखकर दिल दहल गया। झुग्गी का छुपा अरबपति की कहानी में यह मोड़ बहुत ही शानदार है।
लालच इंसान को कहां ले जाता है, यह दृश्य उसका जीता जागता उदाहरण है। जब गहने को तोड़ा गया, तो सिर्फ कांच के टुकड़े नहीं गिरे, बल्कि रिश्तों का भरोसा भी टूट गया। लड़के की बेबसी और लड़की की चालाकी देखकर गुस्सा आता है। झुग्गी का छुपा अरबपति में ऐसे दृश्य ही जान डालते हैं।
कहानी का यह हिस्सा सबसे ज्यादा दिलचस्प है। सबको लगा कि गहना नकली है, लेकिन असल में नकली इंसान थे। लड़की का वह चेहरा जब सच सामने आया, काबिले तारीफ है। झुग्गी का छुपा अरबपति की स्क्रिप्ट में यह ट्विस्ट बहुत ही बेहतरीन ढंग से लिखा गया है।
परिवार के बीच होने वाला यह नाटक किसी थिएटर से कम नहीं है। हर किरदार का अपना स्वार्थ है और सब एक दूसरे को धोखा दे रहे हैं। बुजुर्ग व्यक्ति की समझदारी और युवाओं की मूर्खता का अंतर साफ दिखता है। झुग्गी का छुपा अरबपति देखकर लगता है कि असली जीवन भी ऐसा ही है।
जब वह गहना जमीन पर गिरा और टूट गया, तो लगा जैसे सबका भरोसा टूट गया हो। लड़के की आंखों में आंसू और लड़की की आंखों में डर साफ दिख रहा था। यह दृश्य दर्शकों को बांधे रखता है। झुग्गी का छुपा अरबपति की कहानी में यह पल सबसे यादगार है।