जैसे ही मिस्टर पीटरसन कमरे में दाखिल हुए, माहौल में एक अजीब सी तनावपूर्ण हवा दौड़ गई। उनकी गंभीर मुद्रा और सूट की सफाई बता रही थी कि वे कोई मामूली मेहमान नहीं हैं। जब उन्होंने अपने सामने खड़े व्यक्ति को थप्पड़ मारा, तो सबकी सांसें रुक गईं। यह दृश्य झुग्गी का छुपा अरबपति के सबसे यादगार पलों में से एक बन गया है, जहां पावर डायनामिक्स साफ दिखाई देते हैं।
वह लाल बालों वाला शख्स जिसने चमकदार बैंगनी जैकेट पहनी है, उसकी हरकतें काफी संदिग्ध लग रही हैं। वह मिस्टर पीटरसन के कंधे पर हाथ रखकर कुछ फुसफुसा रहा था, जैसे कोई साजिश रच रहा हो। उसकी आंखों में चालाकी और चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान थी। झुग्गी का छुपा अरबपति में ऐसे किरदार ही कहानी में असली मोड़ लाते हैं, दर्शक हैरान रह जाते हैं कि आखिर यह खेल क्या है।
बेचारा काले सूट वाला आदमी, जिसने शायद कुछ गलत कर दिया था। मिस्टर पीटरसन ने उसे ऐसे डांटा कि वह डर के मारे कांपने लगा। उसने अपने कान पकड़ लिए और माफी मांगने की कोशिश की, लेकिन पीटरसन का गुस्सा शांत नहीं हुआ। यह दृश्य झुग्गी का छुपा अरबपति की उस कठोर वास्तविकता को दर्शाता है जहां गलतियों की कोई गुंजाइश नहीं होती।
हरे स्वेटर पहने उस नौजवान के चेहरे पर एक छोटा सा निशान था, जो शायद किसी झगड़े का नतीजा हो। वह सब कुछ चुपचाप देख रहा था, बिना कुछ बोले। उसकी आंखों में गुस्सा और बेबसी दोनों झलक रहे थे। झुग्गी का छुपा अरबपति में ऐसे किरदार अक्सर कहानी के हीरो साबित होते हैं, जो शांति से सब सहते हैं लेकिन अंत में सबसे बड़ा वार करते हैं।
पूरा कमरा एक प्रेशर कुकर जैसा लग रहा था। मिस्टर पीटरसन की एंट्री से लेकर उस थप्पड़ तक, हर पल में तनाव था। पीछे खड़े गनमैन जैसे सुरक्षाकर्मी और दीवार पर लगी रंगीन पेंटिंग भी उस गंभीर माहौल के विपरीत लग रही थी। झुग्गी का छुपा अरबपति का यह सीन दिखाता है कि कैसे एक छोटे से कमरे में बड़े-बड़े नाटक हो सकते हैं।