शुरुआत में ही हरे स्वेटर वाले लड़के के चेहरे पर चोट के निशान देखकर दिल दहल गया। सोफे पर बैठे बुजुर्ग दंपति की मुस्कान और लड़की की चिंतित आंखों के बीच एक अजीब सा तनाव है। लगता है कोई बड़ा राज छिपा है जो जल्द ही बाहर आएगा। झुग्गी का छुपा अरबपति की कहानी में यह परिवारिक ड्रामा बहुत गहराई से उतरता है। हर चेहरे पर अलग-अलग भावनाएं हैं जो दर्शक को बांधे रखती हैं।
जब वह चमकदार सिल्वर कार रुकी और अंदर से दो अलग-अलग दुनिया के लोग निकले, तो माहौल बदल गया। बैंगनी जैकेट वाला शख्स कितना आत्मविश्वासी लग रहा था, जबकि सूट वाला साथी थोड़ा घबराया हुआ था। फोन कॉल के दौरान उनकी आंखों में छिपा डर साफ दिख रहा था। झुग्गी का छुपा अरबपति में यह मोड़ बहुत रोमांचक है। लगता है अब असली खेल शुरू होने वाला है।
लाल फर कोट और काले दस्ताने पहनी वह महिला किसी फिल्मी विलेन से कम नहीं लग रही थीं। उनकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी जो बता रही थी कि वे सब कुछ जानती हैं। जब वे मुस्कुराती हैं तो लगता है कोई बड़ी साजिश रची जा रही है। झुग्गी का छुपा अरबपति के इस किरदार ने मुझे हैरान कर दिया। उनका हर इशारा कहानी को नई दिशा दे रहा है।
कार से उतरते ही दोनों दोस्तों की बॉडी लैंग्वेज बदल गई। बैंगनी जैकेट वाला दोस्त कितना कॉन्फिडेंट था, जबकि सूट वाला दोस्त अभी भी फोन की चिंता में था। उनकी वॉक और बातचीत से लग रहा था कि वे किसी बड़े मिशन पर हैं। झुग्गी का छुपा अरबपति में यह दोस्ती बहुत दिलचस्प है। उनके बीच का केमिस्ट्री दर्शकों को हंसाती भी है और सोचने पर मजबूर भी करती है।
जब वे दोनों दोस्त उस पुराने घर के सामने खड़े हुए, तो माहौल में एक अजीब सी शांति थी। ऊपर की बालकनी और नीचे का खालीपन कहानी के अगले मोड़ का संकेत दे रहा था। बैंगनी जैकेट वाले की मुस्कान और सूट वाले की गंभीरता के बीच का कंट्रास्ट बहुत अच्छा था। झुग्गी का छुपा अरबपति में यह सीन बहुत महत्वपूर्ण लगता है। लगता है अब कुछ बड़ा होने वाला है।