जब बूढ़े खिलाड़ी ने तीन रानियों का पत्ता फेंका, तो लग रहा था जैसे पूरा कैसिनो थम गया हो। उसकी आँखों में छिपी शैतानी और युवा खिलाड़ी की बेचैनी ने ठुकराया हुआ इक्का को और भी रोमांचक बना दिया। हर फ्रेम में तनाव और धोखे की बू आती है।
उसकी शांत मुस्कान देखकर लगता है जैसे वह सब कुछ जानता हो। जब बुजुर्ग हँस रहा था, तब भी वह अडिग रहा। ठुकराया हुआ इक्का में यह दिखाया गया है कि कैसे अनुभव और युवा ऊर्जा के बीच की लड़ाई सबसे खूबसूरत होती है।
काले ड्रेस में डीलर बिना एक शब्द बोले पूरे माहौल को नियंत्रित कर रही है। उसके हाथों का हर हिलना एक नया मोड़ लाता है। ठुकराया हुआ इक्का में ऐसे किरदार दिखाते हैं कि खेल सिर्फ पत्तों का नहीं, बल्कि मनोविज्ञान का भी है।
जब वह जोर से हँसा, तो लगा जैसे उसने जीत की घोषणा कर दी हो। लेकिन असली खेल तो अभी बाकी था। ठुकराया हुआ इक्का में ऐसे मोड़ आते हैं जो दर्शक को सीट से उठा देते हैं। हर एक्सप्रेशन मायने रखता है।
जब उसने देखा कि युवा खिलाड़ी ने किंग ऑफ क्लब्स निकाला, तो उसका चेहरा देखने लायक था। गुस्सा, हैरानी और हार का अहसास — सब एक साथ। ठुकराया हुआ इक्का में हर किरदार का रिएक्शन परफेक्ट टाइमिंग के साथ आता है।