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ठुकराया हुआ इक्कावां24एपिसोड

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ठुकराया हुआ इक्का

राहुल को उसके अमीर परिवार ने 18 साल तक नकार दिया था। उसने एक रहस्यमय जुआरी आदित्य से ताश के खेल की बारीकियाँ सीखीं। अब वह सच्चाई जानने वापस लौटता है, और देखता है कि सिंह परिवार शर्मा परिवार के खिलाफ जानलेवा जुआ में फंसा हुआ है। सब उसका मजाक उड़ाते हैं, लेकिन राहुल अपनी कला दिखाता है, कमाल के करतब करके बाजी पलट देता है। वह बहिष्कृत से परिवार का रक्षक और उत्तरी अमेरिका का जुआरी बादशाह बन जाता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

बुजुर्ग की मुस्कान में छिपा खतरा

जब बूढ़े खिलाड़ी ने कार्ड देखकर वो अजीब सी मुस्कान दी, तो रोंगटे खड़े हो गए। लगता है ठुकराया हुआ इक्का में धोखाधड़ी का खेल बहुत गहरा है। नौजवान खिलाड़ी की बेचैनी और पीछे खड़े लोगों के चेहरे पर तनाव साफ दिख रहा था। कैसीनो की चमकदार रोशनी में भी माहौल इतना भारी क्यों था? शायद जीत से ज्यादा कुछ और दांव पर लगा था।

नौजवान की हिम्मत देख दंग रह गया

इतने बड़े दांव के बीच भी नौजवान खिलाड़ी ने हार नहीं मानी। उसकी आंखों में डर नहीं, बल्कि एक अजीब सी चमक थी। ठुकराया हुआ इक्का की कहानी सिर्फ पत्तों की नहीं, इंसान के जज्बात की भी है। जब उसने आखिरी कार्ड पलटा, तो पूरा कमरा सन्न रह गया। क्या वो जीत पाया या हार गया, ये तो वक्त ही बताएगा।

औरतों के चेहरे पर छिपा राज

पीछे खड़ी औरतों के चेहरे पर डर और उम्मीद दोनों झलक रहे थे। खासकर वो बुजुर्ग औरत जिसके गले में मोती थे, उसकी नजरें हर पल नौजवान पर टिकी थीं। ठुकराया हुआ इक्का में हर किरदार का अपना राज है। शायद ये खेल सिर्फ पैसे का नहीं, किसी पुराने बदले का भी हो सकता है। माहौल इतना तनावपूर्ण क्यों था?

लाल कोट वाले आदमी का फोन कॉल

जब लाल चेक कोट वाले आदमी ने फोन निकाला, तो लगा कुछ बड़ा होने वाला है। उसकी आंखों में गुस्सा और बेचैनी साफ दिख रही थी। ठुकराया हुआ इक्का में हर छोटी चीज मायने रखती है। शायद वो किसी को बुला रहा था या फिर कोई बड़ा फैसला लेने वाला था। कैसीनो की चमक में भी उसका चेहरा इतना गंभीर क्यों था?

खून से सना चाकू और कटी उंगली

अचानक दृश्य बदला और खून से सना चाकू दिखा। फिर कटी हुई उंगली का दृश्य देख तो दिल दहल गया। ठुकराया हुआ इक्का में हिंसा का ये पहलू बिल्कुल अप्रत्याशित था। शायद जुआ हारने की कीमत इतनी भारी थी। उस आदमी का चेहरा पसीने से तरबतर और आंखों में मौत का डर साफ दिख रहा था। ये कहानी कहां जा रही है?

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