जहाज की खामोशी और कैसीनो का शोर एकदम विपरीत दुनिया है। जब वह युवक ग्रे सूट में अंदर आता है, तो लगता है जैसे तूफान आने वाला हो। ठुकराया हुआ इक्का की कहानी में यह दृश्य सबसे ज्यादा दमदार है। हर चेहरे पर छिपा हुआ राज है, और पासा पलटने वाला है।
उसकी आँखों में लालच और डर दोनों साफ दिख रहे थे। जब पासे खुले और सब चौंक गए, तो लगा जैसे किसी ने दिल पर वार किया हो। ठुकराया हुआ इक्का में ऐसे मोड़ बार-बार आते हैं जो सांस रोक दें। उसकी चीख अभी भी कानों में गूंज रही है।
वह बुजुर्ग इतना शांत कैसे रह सकता है? उसकी आँखों में सब कुछ पढ़ा जा सकता है, फिर भी वह कुछ नहीं बोलता। ठुकराया हुआ इक्का के इस सीन में उसकी चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। लगता है वह सब जानता था, बस इंतजार कर रहा था।
जब वह नीले कोट वाला बुजुर्ग अंदर आया, तो पूरा माहौल बदल गया। उसकी आवाज में वजन था, और हर कोई उसकी बात सुन रहा था। ठुकराया हुआ इक्का में ऐसे पात्र कहानी की रीढ़ होते हैं। उसकी उपस्थिति ही सब कुछ बदल देती है।
तीन पासे, एक कप, और सबकी सांसें रुकी हुईं। जब कप उठा और छक्के निकले, तो लगा जैसे समय थम गया हो। ठुकराया हुआ इक्का में ऐसे पल बार-बार दिल की धड़कन तेज कर देते हैं। किस्मत का खेल कभी इतना डरावना नहीं लगा था।