विवान कपूर एक साधारण व्यक्ति था जिसे आरव शर्मा और रोहन मेहता ने बचाया। उनसे प्रेरित होकर उसने युद्ध कला सीखी और चार साल में बेहद शक्तिशाली बन गया। वह अपने बेटे आदित्य सिंह के साथ निशियाना द्वार की परीक्षा में शामिल होना चाहता है। रास्ते में उसने अनजाने में दुश्मन को मार दिया, पर खुद को सामान्य ही समझता रहा। परीक्षा में उसकी प्रतिभा छिपी रह गई और उसे अपमान सहना पड़ा। अंत में अंकिता खन्ना के सामने उसने अपनी असली शक्ति दिखाकर सबको चौंका दिया।