इस दृश्य में जब सफेद पोशाक वाला युवक वह पीला पेंडेंट निकालता है, तो हवा में एक अजीब सी चुप्पी छा जाती है। नीली पोशाक वाले व्यक्ति की आँखों में आँसू और हैरानी दोनों साफ दिख रहे थे, जैसे कोई खोया हुआ राज वापस मिल गया हो। पीछे खड़े लोग भी इस मोड़ को देखकर स्तब्ध रह गए। पिता की असली ताकत सिर्फ ताकतवर होना नहीं, बल्कि अपने अतीत को स्वीकार करना है। यह पल दिल को छू लेने वाला था।