जब मुख्य पात्र ने आठ त्रिकोणों वाले मंच पर खड़े होकर अपनी शक्तियों का प्रदर्शन किया, तो पूरा माहौल तनाव से भर गया। लाल रंग की ऊर्जा का विस्फोट देखकर लग रहा था कि कोई महायुद्ध शुरू होने वाला है। बूढ़े गुरु की चुप्पी और युवा योद्धाओं की उत्सुकता ने कहानी में गहराई जोड़ दी। पिता की असली ताकत का जिक्र आते ही सबकी सांसें थम गईं। नेटशॉर्ट ऐप पर यह दृश्य देखते हुए लगा जैसे मैं भी उसी मंच के सामने खड़ा हूं।