जब सभी असफल हो रहे थे, तब उस साधारण दिखने वाले योद्धा ने अपनी मुट्ठियाँ भींच लीं। खून बह रहा था, पर उसकी आँखों में डर नहीं, जुनून था। जैसे ही उसने प्रहार किया, आसमान में बिजली कड़की और अजेय ड्रैगन शिला जाग उठी। पिता की असली ताकत का यह दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए। यह सिर्फ जादू नहीं, बल्कि एक पिता के संकल्प की जीत थी जो हर बाधा को तोड़कर आगे बढ़ गई।