जब मुखौटे वाले योद्धा ने अपनी तलवार निकाली, तो पूरे आंगन में सन्नाटा छा गया। उस व्यक्ति ने बच्चों को बचाने के लिए जो कदम उठाया, वह सच में दिल को छू लेने वाला था। हवा में तैरते हुए बच्चों को देखकर ऐसा लगा जैसे कोई जादुई शक्ति काम कर रही हो। इस दृश्य में तनाव इतना था कि सांस रुक सी गई। पिता का बड़ा खेल नामक इस धारावाहिक ने फिर से साबित कर दिया है कि यह केवल एक साधारण कहानी नहीं है। हर पल कुछ नया होता है।
उस सफेद पोशाक वाली की आंखों में जो डर और चिंता थी, वह शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। वह बिना कुछ बोले ही सब कुछ कह गई। जब संकट आया तो वह आगे नहीं आई, लेकिन उसका चेहरा सब बता रहा था। शायद वह इन बच्चों से बहुत प्यार करती है। पुराने जमाने के कपड़े और सजावट देखकर लगता है कि निर्माण टीम ने बहुत मेहनत की है। पिता का बड़ा खेल में ऐसे भावनात्मक पल बहुत देखने को मिलते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं।
दो छोटे बच्चे बीच मैदान में खड़े थे और खतरा उनके सिर पर मंडरा रहा था। तभी अचानक वे हवा में ऊपर उठने लगे। यह दृश्य देखकर मैं हैरान रह गया। विशेष प्रभाव बहुत अच्छे थे और कहानी में रोमांच बढ़ा दिया। बच्चे डरे हुए थे लेकिन सुरक्षित रहे। यह दिखाता है कि मुख्य पात्र कितना शक्तिशाली है। पिता का बड़ा खेल की कहानी में ऐसे मोड़ आते हैं जो उम्मीद नहीं किए जाते। मुझे यह शैली बहुत पसंद आ रही है।
काले चोगे और डरावने मुखौटे वाला योद्धा सच में खतरनाक लग रहा था। उसकी आवाज नहीं सुनाई दी लेकिन उसकी हरकतें सब कुछ कह रही थीं। उसने तलवार से वार किया और सबकी धड़कनें तेज हो गईं। विलेन का डिजाइन बहुत अनोखा है और पुराने समय के राक्षसों जैसा लगता है। ऐसे खलनायक कहानी को और भी रोचक बनाते हैं। पिता का बड़ा खेल में विलेन भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने हीरो। यह संघर्ष देखने लायक है।
पीछे बैठे बुजुर्ग लोग कुछ नहीं बोले बस सब कुछ देखते रहे। उनकी चुप्पी में भी एक दबाव था। शायद वे इस लड़ाई के नतीजे का इंतजार कर रहे हैं। उनके कपड़े बहुत कीमती लग रहे थे जो उनकी हैसियत बता रहे थे। जब वे अंगुली से इशारा करते हैं तो लगता है कोई बड़ा फैसला होने वाला है। इस शो में हर पात्र का अपना महत्व है। पिता का बड़ा खेल की पटकथा बहुत गहरी है जो हर पात्र को न्याय देती है। मुझे यह रहस्य पसंद है।
काले और सफेद कपड़े वाला योद्धा बिल्कुल नहीं डरा। उसने अपने हाथ फैलाकर बच्चों को ढक लिया। उसकी आंखों में गुस्सा और दृढ़ संकल्प था। जब उसने जादुई शक्ति का उपयोग किया तो लगता था वह सब कुछ संभाल सकता है। ऐसे नायक हमें प्रेरणा देते हैं कि मुश्किल समय में घबराना नहीं चाहिए। पिता का बड़ा खेल में ऐसे पात्र हैं जो दिल जीत लेते हैं। एक्शन सीन बहुत अच्छे तरीके से फिल्माए गए हैं।
इस दृश्य की पृष्ठभूमि बहुत सुंदर थी। पुरानी इमारतें, लकड़ी के खंभे और छत की नक्काशी देखने लायक थी। यह हमें प्राचीन काल की झलक दिखाता है। जब बच्चे हवा में उड़े तो पीछे की इमारत और भी स्पष्ट दिखी। रंगों का उपयोग बहुत संतुलित था। नीले और सफेद कपड़े वातावरण के साथ अच्छे लग रहे थे। पिता का बड़ा खेल में दृश्य डिजाइन पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह एक कलाकृति जैसा लगता है।
एक घायल योद्धा के चेहरे पर खून के निशान थे और वह दर्द में बैठा हुआ था। उसकी आंखों में हार नहीं थी ब बदले की आग थी। शायद वह पहले ही लड़ चुका है और अब दूसरों को लड़ते देख रहा है। उसकी चुप्पी शोर मचा रही थी। यह दिखाता है कि इस जगह पर कितनी हिंसा हुई है। पिता का बड़ा खेल की कहानी में हर घायल व्यक्ति के पीछे एक कहानी होती है। यह दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देता है।
दोनों बच्चों के कपड़े बहुत प्यारे और रंगीन थे। लड़के ने नीला पहना था और लड़की ने सफेद और नीला मिश्रण। उनके बालों की सजावट भी बहुत बारीकी से की गई थी। वे डरे हुए थे लेकिन सुंदर लग रहे थे। जब वे हवा में उड़े तो उनके कपड़े हवा में लहरा रहे थे। यह दृश्य बहुत यादगार बन गया। पिता का बड़ा खेल में बच्चों के किरदार भी बहुत अच्छे से निभाए गए हैं। यह परिवार के लिए अच्छा शो है।
जब लगा कि अब सब खत्म हो गया, तभी हीरो ने अपनी शक्ति दिखाई। बच्चों को बचाने का तरीका बहुत अनोखा था। मुखौटा वाला विरोधी भी हैरान रह गया। यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है बस शुरू हुई है। आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। पिता का बड़ा खेल का अगला एपिसोड देखने का इंतजार नहीं हो रहा है। यह शो हर बार नया सरप्राइज देता है। मुझे यह एक्शन और ड्रामा बहुत पसंद आया।