जोई हरमन के आगमन से पहले कमरे में जो शांति थी, वह एकदम से टूट गई। बुज़ुर्गों पर अत्याचार जैसे विषयों पर बातचीत हो रही थी, लेकिन जब वह दरवाजे से अंदर आया, तो सबकी सांसें थम सी गईं। उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी, जो डर और उत्सुकता दोनों पैदा कर रही थी।
सीढ़ियों से उतरते हुए जोई हरमन का अंदाज ही कुछ और था। काले कोट और चश्मे में वह किसी विलेन से कम नहीं लग रहा था। बुज़ुर्गों पर अत्याचार के मुद्दे पर उसकी राय जानने के लिए सब बेचैन थे। उसकी मौजूदगी ने पूरे माहौल को बदल दिया, जैसे कोई तूफान आने वाला हो।
जब जोई हरमन अंदर आया, तो काले सूट वाली महिला के चेहरे के भाव देखने लायक थे। उसकी आँखों में गुस्सा और चिंता दोनों झलक रहे थे। बुज़ुर्गों पर अत्याचार जैसे गंभीर मुद्दे पर उसकी प्रतिक्रिया से साफ था कि वह इस मामले में गहराई तक शामिल है। उसका हर इशारा कहानी आगे बढ़ा रहा था।
नीली जैकेट और हरे ब्रोच वाला शख्स जोई हरमन को देखकर हैरान रह गया। उसका गुस्सा साफ झलक रहा था, जैसे वह किसी धोखे का शिकार हुआ हो। बुज़ुर्गों पर अत्याचार के मामले में उसकी भूमिका क्या है, यह जानने के लिए दर्शक बेचैन हैं। उसका हर डायलॉग तनाव बढ़ा रहा है।
छड़ी टेकते हुए खड़े बूढ़े आदमी के चेहरे पर जो चिंता थी, वह सब कुछ कह रही थी। जोई हरमन के आने से वह और भी घबरा गया लगता है। बुज़ुर्गों पर अत्याचार के मुद्दे पर उसकी राय सबसे अहम हो सकती है। उसकी आँखों में डर और उम्मीद दोनों झलक रहे थे, जो कहानी को और दिलचस्प बना रहे थे।