PreviousLater
Close

तीन मामाओं का पछतावा

ईशा सिंह की मौत के बाद उसकी बीमार बेटी जिया अकेली रह जाती है। एक नकली बच्ची उसकी पहचान चुरा लेती है, और जिया को अपने ही मामाओं के घर एक तरह से प्रताड़ित अनाथ की तरह रहना पड़ता है। झूठे इल्ज़ाम में फँसने के बाद, जिया सबसे नाता तोड़ लेती है और अपनी माँ की सहेली जुही के पास शरण लेती है। जब सच्चाई सामने आती है, तब मामा लोग माफी की भीख माँगते हैं, लेकिन जिया के चेहरे पर सिर्फ खामोशी होती है।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

बेटी की आंखों में दर्द

जिया सिंह की आंखों में जो बेचैनी और डर है वो किसी भी डायलॉग से ज्यादा असरदार है। जब वो अपनी मां ईशा सिंह का हाथ पकड़ती है तो लगता है जैसे पूरी दुनिया थम गई हो। अस्पताल का माहौल इतना डरावना है कि रोंगटे खड़े हो जाते हैं। तीन मामाओं का पछतावा शायद तब शुरू हुआ होगा जब उन्होंने इस हालत में ईशा को देखा होगा। नर्सों की मुस्कान पीछे छिपी साजिश लगती है।

सिंह परिवार का अंधेरा सच

वीडियो की शुरुआत में सड़ी हुई चीजें और मक्खियां देखकर ही अंदाजा हो जाता है कि ईशा सिंह कितने दिनों से इस हालत में हैं। जिया का रोना और वो हैंडकफ्स जो उसकी मां के हाथ में हैं ये सब बताता है कि ये कोई आम बीमारी नहीं है। जब वो डॉक्टर आते हैं और जबरदस्ती स्ट्रेचर ले जाते हैं तो गुस्सा आता है। तीन मामाओं का पछतावा इस बात पर है कि उन्होंने अपनी बहन को अकेला छोड़ दिया।

पावरफुल बेटों की बेबसी

जय सिंह जैसे ग्रुप के चेयरमैन आयुष सिंह जैसे फिल्म स्टार और हर्ष सिंह जैसे सांसद तीनों के पास दुनिया की हर ताकत है लेकिन अपनी मां या बहन को बचाने में नाकाम। फोन पर उनकी घबराहट साफ दिख रही है। गोल्डन बिल्डिंग और पूल पार्टी के बीच का कंट्रास्ट बहुत गहरा है। तीन मामाओं का पछतावा अब उनके चेहरों पर साफ झलक रहा है जब उन्हें खबर मिलती है।

नर्सों की खौफनाक हंसी

उन दो नर्सों की बातचीत और उनकी हंसी इतनी अजीब थी कि लग रहा था वो कोई प्लान बना रही हैं। जब वो मरीज को ले जा रही थीं और जिया चीख रही थी तो उनकी परवाह नहीं थी। वो बूढ़ी औरत जो क्लिपबोर्ड लेकर खड़ी थी उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी। तीन मामाओं का पछतावा इस लापरवाही के लिए भी हो सकता है जो उस अस्पताल में चल रहा था।

जिया की मासूमियत टूट गई

जिया सिंह अभी बच्ची है लेकिन उसने वो सब देखा जो किसी बच्चे को नहीं देखना चाहिए। जब वो अपनी मां के पास से चिपकी हुई थी और वो औरत उसे खींच रही थी तो जिया का डर रूह कंपा देने वाला था। उसकी चीखें गूंज रही थीं। तीन मामाओं का पछतावा शायद इस बात पर है कि उन्होंने अपनी भतीजी को इस काबिल नहीं छोड़ा कि वो अपने आप को बचा सके।

और भी शानदार समीक्षाएँ (5)
arrow down