जिया सिंह की आंखों में जो बेचैनी और डर है वो किसी भी डायलॉग से ज्यादा असरदार है। जब वो अपनी मां ईशा सिंह का हाथ पकड़ती है तो लगता है जैसे पूरी दुनिया थम गई हो। अस्पताल का माहौल इतना डरावना है कि रोंगटे खड़े हो जाते हैं। तीन मामाओं का पछतावा शायद तब शुरू हुआ होगा जब उन्होंने इस हालत में ईशा को देखा होगा। नर्सों की मुस्कान पीछे छिपी साजिश लगती है।
वीडियो की शुरुआत में सड़ी हुई चीजें और मक्खियां देखकर ही अंदाजा हो जाता है कि ईशा सिंह कितने दिनों से इस हालत में हैं। जिया का रोना और वो हैंडकफ्स जो उसकी मां के हाथ में हैं ये सब बताता है कि ये कोई आम बीमारी नहीं है। जब वो डॉक्टर आते हैं और जबरदस्ती स्ट्रेचर ले जाते हैं तो गुस्सा आता है। तीन मामाओं का पछतावा इस बात पर है कि उन्होंने अपनी बहन को अकेला छोड़ दिया।
जय सिंह जैसे ग्रुप के चेयरमैन आयुष सिंह जैसे फिल्म स्टार और हर्ष सिंह जैसे सांसद तीनों के पास दुनिया की हर ताकत है लेकिन अपनी मां या बहन को बचाने में नाकाम। फोन पर उनकी घबराहट साफ दिख रही है। गोल्डन बिल्डिंग और पूल पार्टी के बीच का कंट्रास्ट बहुत गहरा है। तीन मामाओं का पछतावा अब उनके चेहरों पर साफ झलक रहा है जब उन्हें खबर मिलती है।
उन दो नर्सों की बातचीत और उनकी हंसी इतनी अजीब थी कि लग रहा था वो कोई प्लान बना रही हैं। जब वो मरीज को ले जा रही थीं और जिया चीख रही थी तो उनकी परवाह नहीं थी। वो बूढ़ी औरत जो क्लिपबोर्ड लेकर खड़ी थी उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी। तीन मामाओं का पछतावा इस लापरवाही के लिए भी हो सकता है जो उस अस्पताल में चल रहा था।
जिया सिंह अभी बच्ची है लेकिन उसने वो सब देखा जो किसी बच्चे को नहीं देखना चाहिए। जब वो अपनी मां के पास से चिपकी हुई थी और वो औरत उसे खींच रही थी तो जिया का डर रूह कंपा देने वाला था। उसकी चीखें गूंज रही थीं। तीन मामाओं का पछतावा शायद इस बात पर है कि उन्होंने अपनी भतीजी को इस काबिल नहीं छोड़ा कि वो अपने आप को बचा सके।