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रणभूमि की रानी

अराजक गणराज्य काल में चन्द्रावती संघ की प्रमुख बबिता राठौड़ विश्वासघात का शिकार होकर भी साहस से उभरती है। राघव मेहता और सोनल चौहान की साज़िशों का सामना करते हुए वह अपने पिता वीरेंद्र सिंह राठौड़ से मिलती है। विक्रम राठौड़ और शत्रु शक्तियों के षड्यंत्रों का पर्दाफाश कर, वह राजेश्वरी देवी के साथ मिलकर चन्द्रावती संघ को पुनर्जीवित करती है और अंततः सेनापति बनकर राष्ट्र की रक्षा करती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

तनावपूर्ण शुरुआत

शुरुआत का दृश्य बहुत तनावपूर्ण है। कोट वाली लड़की के चेहरे पर डर साफ दिख रहा था। बुजुर्ग महिला ने जो चीज दिखाई उसने सब कुछ बदल दिया। रणभूमि की रानी में ऐसे मोड़ बारिश की तरह आते हैं। नदी किनारे का माहौल बहुत उदास था। दर्शक इस कहानी में खो जाते हैं। यह कहानी दिल को छू लेती है।

खतरनाक चाय समारोह

चाय पीने का दृश्य शांत लेकिन खतरनाक लग रहा था। किमोनो वाले व्यक्ति की आंखों में चालाकी थी। सूट वाला युवक सावधानी से पेश आ रहा था। मायुरी की उपस्थिति ने खौफ बढ़ा दिया। यह शो देखते वक्त सांस रुक सी जाती है। रणभूमि की रानी की कहानी बहुत गहरी है। हर कोई इसका दीवाना है।

मुखौटे का रहस्य

सफेद पोशाक और चांदी का मुखौटा पहनी महिला रहस्यमयी लग रही थी। मंदिर में प्रार्थना करते वक्त भी खतरा मंडरा रहा था। राजेश्वरी देवी का किरदार बहुत गहराई से लिखा गया है। रणभूमि की रानी में हर किरदार की अपनी पहचान है। यह दृश्य मन पर छा गया। देखने वाले को पसंद आएगा।

खामोशी का शोर

नदी किनारे खड़े होकर बातचीत करते वक्त जो चुप्पी थी वो शोर से ज्यादा भारी थी। काले कपड़ों वाले व्यक्ति का गुस्सा साफ झलक रहा था। लड़की ने जब उसका हाथ थामा तो लगा कुछ बदलेगा। ऐसे ड्रामे कम ही देखने को मिलते हैं। रणभूमि की रानी में भावनाएं सच्ची हैं। यह शो बेहतरीन है।

तलवार वाली छाया

काले लिबास में खड़ी महिला के पास तलवार थी। वह किसी छाया की तरह खड़ी थी। उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं था। मायुरी साकुरा देश की खतरनाक हत्यारिन लग रही थी। एक्शन सीन की उम्मीद बढ़ गई है इस दृश्य से। रणभूमि की रानी में रोमांच बना रहता है। एक्शन का इंतजार है।

बारिश का माहौल

बारिश और बादलों का माहौल कहानी के मूड को परफेक्ट बना रहा था। गीले पत्थर और नदी का बहना सब कुछ कह रहा था। रणभूमि की रानी में सिनेमेटोग्राफी बहुत शानदार है। हर फ्रेम एक तस्वीर की तरह सजा है। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने वाले को मजा आ जाता है। सबको पसंद आएगा।

मुस्कान के पीछे

बुजुर्ग महिला की मुस्कान के पीछे छुरी छिपी थी। उसने जो कांटा दिखाया वो किसी सबूत की तरह था। क्विपाओ पहनी औरत का अंदाज बहुत क्लासी था। ऐसे किरदार दर्शकों को बांधे रखते हैं। कहानी आगे क्या मोड़ लेगी यह जानना जरूरी है। रणभूमि की रानी में सस्पेंस है। कहानी बहुत रोचक है।

धमाकेदार एंट्री

मुखौटे वाली महिला जब दरवाजे पर आई तो सस्पेंस बढ़ गया। काले लिबास वाला व्यक्ति उसके सामने था। दोनों के बीच की दुश्मनी हवा में तैर रही थी। राजेश्वरी देवी की एंट्री धमाकेदार थी। यह शो हर एपिसोड में नया खुलासा करता है। रणभूमि की रानी देखने लायक है। समय बर्बाद नहीं होगा।

छोटे विवरण

चाय की प्याली उठाते वक्त हाथ कांप रहे थे या गुस्सा था। किमोनो वाले व्यक्ति ने चुपचाप सब देखा। सूट वाले लड़के की घबराहट साफ दिख रही थी। रणभूमि की रानी में छोटे विवरण भी बड़ी कहानी कहते हैं। अभिनय बहुत लाजवाब है। हर पल नया लगता है। बिल्कुल नहीं बोर करेंगे।

फैसले की घड़ी

अंत में लड़की की आंखों में आंसू और गुस्सा दोनों थे। उसने कुछ फैसला कर लिया था। इतिहास के पन्नों में ऐसी कई कहानियां दबी हैं। यह शो उन्हें उजागर करता है। देखने वाला हर पल का इंतजार करता है। रणभूमि की रानी की धूम मची हुई है। नेटशॉर्ट पर जरूर देखें। सबको पसंद आएगा।