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रणभूमि की रानी

अराजक गणराज्य काल में चन्द्रावती संघ की प्रमुख बबिता राठौड़ विश्वासघात का शिकार होकर भी साहस से उभरती है। राघव मेहता और सोनल चौहान की साज़िशों का सामना करते हुए वह अपने पिता वीरेंद्र सिंह राठौड़ से मिलती है। विक्रम राठौड़ और शत्रु शक्तियों के षड्यंत्रों का पर्दाफाश कर, वह राजेश्वरी देवी के साथ मिलकर चन्द्रावती संघ को पुनर्जीवित करती है और अंततः सेनापति बनकर राष्ट्र की रक्षा करती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

छाते वाला एक्शन कमाल का था

लड़ाई के दृश्य बहुत शानदार हैं खासकर छाते वाला युद्ध। नायिका की बहादुरी देखकर मैं हैरान रह गया। रणभूमि की रानी में ऐसे दृश्य बार बार देखने को मिलते हैं। निंजा हमलावर खतरनाक लग रहे थे लेकिन उसने सबको हरा दिया। यह कहानी मुझे बहुत पसंद आ रही है और मैं आगे क्या होता है यह जानने के लिए बेताब हूं।

जंगल का रहस्यमयी माहौल

जंगल का रास्ता और पुरानी कार का दृश्य बहुत सुंदर लगा। माहौल में एक अलग ही रहस्य है जो दर्शकों को बांधे रखता है। रणभूमि की रानी की कहानी में हर मोड़ पर नया बदलाव आता है। चाय पीती हुई महिला की चुप्पी भी डरावनी लग रही थी। मुझे लगता है वह इस सबकी मुख्य वजह हो सकती है और जल्द ही सब कुछ साफ हो जाएगा।

नायिका का जज्बात देखने लायक

भूरी कोट वाली महिला का किरदार बहुत मजबूत दिखाया गया है। उसने बिना डरे दुश्मनों का सामना किया। रणभूमि की रानी में महिला सशक्तिकरण का संदेश भी है। जब उसने दरवाजा लात मारा तो मैं सीटी बजाने लगा। ऐसे किरदार आज की कहानियों में कम देखने को मिलते हैं जो दिल को छू लेते हैं और प्रेरणा देते हैं।

क्रूर विलेन और मासूम कैदी

खंजर लेकर खड़ा वह आदमी बहुत क्रूर लग रहा था। बंधी हुई महिला की हालत देखकर दुख हुआ। रणभूमि की रानी में भावनात्मक पल भी बहुत गहरे हैं। क्यों कोई किसी को बांधकर रखेगा यह जानना जरूरी है। शायद बदले की आग जल रही हो या कोई पुरानी दुश्मनी हो जो अब सामने आ रही है और सबको चौंका देगी।

मुखौटे वाली महिला कौन है

सफेद मुखौटे वाली महिला कौन हो सकती है यह सबसे बड़ा सवाल है। उसकी चाल में एक अलग ही नशा है। रणभूमि की रानी की कहानी में कई परतें हैं जो धीरे धीरे खुल रही हैं। काले लिबास वाला शख्स भी उसका साथी लग रहा था। यह जोड़ी मिलकर क्या योजना बना रही है यह देखना बहुत रोचक होगा और दिलचस्प होगा।

कपड़ों और सजावट की बारीकियां

पुराने जमाने के कपड़े और सजावट बहुत असली लगते हैं। पोशाक पहनी महिला बहुत खूबसूरत और रौबदार लग रही थीं। रणभूमि की रानी की बनावट बहुत ऊंची है। हर छोटी चीज का ध्यान रखा गया है जो कहानी को असली बनाता है। मुझे ऐसे कार्यक्रम देखना बहुत पसंद है जो इतिहास और कल्पना को मिलाते हैं।

तेज रफ्तार और रोमांच

कहानी की रफ्तार बहुत तेज है और एक पल भी बोरियत नहीं होती। हर दृश्य में कुछ नया होता है जो दर्शकों को बांधे रखता है। रणभूमि की रानी को मैंने फोन पर देखा और मजा आ गया। लड़ाई और नाटक का संतुलन बहुत अच्छा बनाया गया है। मैं अगली कड़ी का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं अब।

नायिका की आंखों का गुस्सा

नायिका की आंखों में गुस्सा और ठान ली हुई जिद साफ दिख रही थी। जब वह कार से उतरी तो लगा अब शिकार शुरू होगा। रणभूमि की रानी में किरदारों की गहराई बहुत अच्छी है। वह अकेले ही कई दुश्मनों पर भारी पड़ रही थी। ऐसे दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं और जोश आ जाता है।

वीरान इमारत का डरावना साया

वह पुरानी इमारत जहां कैदी को रखा गया है बहुत वीरान लग रही थी। टूटी हुई खिड़कियां और धूल सब कुछ बता रही थीं। रणभूमि की रानी की मंच सजावट बहुत तारीफ के काबिल हैं। माहौल इतना असली है कि लगता है हम वहीं मौजूद हैं। यह मेहनत दर्शकों को कहानी में डुबो देती है और प्रभावित करती है।

अंत की लड़ाई का इंतजार

अंत में जब वह दरवाजा खोलकर अंदर गई तो लगा अब असली लड़ाई शुरू होगी। सभी किरदार अपनी जगह पर तैयार लग रहे थे। रणभूमि की रानी का अंत बहुत धमाकेदार होने वाला है। मुझे उम्मीद है कि नायिका अपनी जीत हासिल करेगी। यह कहानी साहस और वफादारी की मिसाल बन जाएगी जल्द ही।