माया चौहान का किरदार बहुत ही प्रभावशाली है। घायल होने के बावजूद वह दुश्मनों का सामना करती है। जब राहुल उसे बचाने के लिए आगे आता है, तो लगता है कि कहानी में एक नया मोड़ आने वाला है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे दृश्य दर्शकों को बांधे रखते हैं।
राहुल की तलवार से निकलने वाली ऊर्जा और उसका पर्वत को चीर देना अविश्वसनीय था। सिद्धार्थ का कहना कि राहुल के पास दांत नहीं हैं, फिर भी वह इतना शक्तिशाली है, रहस्य पैदा करता है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे दृश्य देखकर मन रोमांचित हो जाता है।
राहुल का अपने परिवार को ढूंढने का जज्बात दिल को छू लेता है। गुरु का उसे जेड का लटकन देना और चेतावनी देना कहानी को गहराई देता है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में भावनात्मक पल भी उतने ही प्रभावशाली हैं जितने एक्शन सीन।
रामपुर स्टेडियम में माया का घायल होकर आना और दुश्मनों का पीछा करना तनावपूर्ण था। राहुल का शांत बैठे हुए भी खतरे को भांप लेना उसकी सूझबूझ दिखाता है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे सीन दर्शकों को सीट के किनारे ला बैठते हैं।
दुश्मनों का माया पर हमला करना और उसका मजाक उड़ाना गुस्सा दिलाता है। राहुल का चुपचाप सब देखना और फिर अचानक हमला करना उसकी रणनीति दिखाता है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में विलेन का किरदार भी बहुत मजबूत है।