PreviousLater
Close

(डबिंग) तलवार के दम पर सरताजवां35एपिसोड

like3.5Kchase15.1K

(डबिंग) तलवार के दम पर सरताज

माता-पिता की खोज में विक्रम पहाड़ से उतरा। जेड ताबीज़ लेकर वह योद्धाओं की दुनिया में आया। शक्तिनगर में अंजलि चौहान को राठौरों से बचाया, दोनों परिवारों के झगड़े में फंस गया। चौहान परिवार में पता चला कि सीमा उसकी माँ है, ताबीज़ से उसका नाता। पिता राजेश ने उसे 'निकम्मा' कहा। माँ सीमा और बहन प्रिया पर खतरा आया तो उसने ताकत छिपाना छोड़ा, परिवार की रक्षा को लड़ने का संकल्प लिया।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

सागर गुरु की हार

सागर गुरु जो तलवारबाजी में पहले स्थान पर थे, उनका अमित से हार जाना चौंकाने वाला था। अमित की तलवार में कोई जादू है या फिर वह किसी काली विद्या का प्रयोग कर रहा है? यह सवाल सबके मन में उठ रहा है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे ट्विस्ट देखकर रोमांच बढ़ जाता है।

अमित की काली विद्या

अमित ने जो काली विद्या सीखी है, वह सबके लिए एक रहस्य बन गई है। उसकी तलवार से निकलने वाली शक्तियाँ देखकर लगता है कि वह साधारण इंसान नहीं है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे पात्रों की कहानी देखकर उत्सुकता बढ़ती है।

तलवार का स्वाद

अमित ने सागर गुरु से पूछा, 'मेरी तलवार का स्वाद कैसा लगा?' यह सवाल सुनकर लगता है कि तलवार में कोई जादू है जो दुश्मन को कमजोर कर देती है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे संवाद देखकर मज़ा आता है।

घटिया तलवारबाजी

अमित की तलवारबाजी को देखकर सबने कहा कि यह घटिया है, लेकिन फिर भी वह जीत गया। यह दिखाता है कि तलवारबाजी में सिर्फ ताकत नहीं, बल्कि चालाकी भी जरूरी है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे मोड़ देखकर सोचने पर मजबूर हो जाते हैं।

कसाई के शिष्य

अमित को कसाई का शिष्य कहकर सबने उसका मज़ाक उड़ाया, लेकिन फिर भी वह सबको हैरान कर दिया। यह दिखाता है कि इंसान की पहचान उसके गुरु से नहीं, बल्कि उसके कर्म से होती है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे संदेश देखकर प्रेरणा मिलती है।

और भी शानदार समीक्षाएँ (5)
arrow down